प्रयागराज के माघ मेले में इटली से आई 22 वर्षीय लुक्रेशिया इन दिनों चर्चा में हैं। महाकुंभ और संगम की आस्था से प्रभावित होकर उन्होंने सनातन धर्म अपना लिया।
Magh Mela 2026 : प्रयागराज में इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ा है, जिसमें सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशी लोग भी भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। संगम तट पर चल रहे माघ मेले में इन दिनों एक विदेशी चेहरा लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है, जो इटली से भारत तो सिर्फ घूमने आई थीं।
दुनिया भर के लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा रहे हैं। वहीं 22 साल की लुक्रेशिया भी इटली से यहां आई हैं। लुक्रेशिया का कहना है कि, महाकुंभ ने उनकी जिंदगी ही बदल दी है। श्रद्धा और आस्था का सैलाब उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। सनातन की शक्ति को समझकर लुक्रेशिया ने सनातन धर्म अपना लिया है। माघ मेले में आईं लुक्रेशिया ने मनमौजी राम पुरी को अपना गुरु बनाया और उसके बाद उनसे दीक्षा भी ले चुकी हैं। संगम के लोअर मार्ग पर स्थित नेमिषारण्य आश्रम में रहकर वो दिन-भर भजन-कीर्तन करती हैं।
लुक्रेशिया ने बताया कि सनातन धर्म ने मुझे अंदरूनी शांति दी है। 2024 में जब वो राजस्थान आई थीं, तभी से उनका झुकाव भारतीय संस्कृति की तरफ होने लगा था, लेकिन 2025 के महाकुंभ ने तो उनकी जिंदगी ही बदल दी। महाकुंभ के उस विशाल जनसमूह और वहां की ऊर्जा को देखकर वो इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इसे ही अपनी जिंदगी का रास्ता बनाने का फैसला कर लिया।
लुक्रेशिया कहती हैं कि इस धर्म ने उन्हें मानसिक शांति और जीवन जीने का एक नया नजरिया दिया है। संगम की पवित्रता और साधु-संतों के साथ रहने से उनके भीतर के सारे नकारात्मक विचार भी खत्म हो गए। लुक्रेशिया अब हिंदी भाषा भी सीख रही हैं। उनके साथ उनके पिता भी आए हुए हैं। लुक्रेशिया पूरे दिन आश्रम में सेवा और साधना करती हैं और शाम को अपने होटल लौटती हैं। उनका पहनावा भले ही विदेशी हो, लेकिन उनकी आत्मा और विचार अब पूरी तरह भारतीय परंपराओं में ढल चुका है।