69000 सहायक अध्यापक भर्ती के चयन मामले में अपनी गलती स्वीकारते हुए प्रदेश सरकार ने कहा कि अधिक अंक पाने वालों की जगह कम अंक पाने वालों का चयन किया गया है, इस गलती को सुधारा जाएगा।
प्रयागराज. 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के चयन मामले में अपनी गलती स्वीकारते हुए प्रदेश सरकार ने कहा कि अधिक अंक पाने वालों की जगह कम अंक पाने वालों का चयन किया गया है, इस गलती को सुधारा जाएगा। अधिक अंक लाने वालों की काउंसलिंग करवाकर उन्हें नियुक्ति जाएगी और कम अंक वालों की नियुक्तियां रद्द होंगी। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से कहा गया कि 37,339 पद शिक्षामित्रों के लिए आरक्षित किया गया है। इसके बाद 31,277 पदों पर चयन और नियुक्ति मामले में महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद याचियों के अधिकार व हित संरक्षण के आदेश देने की आवश्यकता नहीं रह गई। महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कहा है कि कम पद होने के बाद सूची जारी करने में अनियमितता हुई है। एनआईसी की रिपोर्ट आने के बाद अगर गड़बड़ी मिलती है तो उसे सुधारा जाएगा।
मेधावियों को बुलाया जाएगा काउंसलिंग में
महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि यह सभी नियुक्तियां अभी अंतिम नहीं हैं और इस पर पुनर्विचार हो सकता है। नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन हैं। सुप्रीम कोर्ट में कट ऑफ मेरिट और शिक्षामित्रों के समायोजन का प्रकरण अभी लंबित है। सरकार की ओर से कम अंक वालों को नियुक्ति देने और अधिक अंक वालों को नियुक्ति नहीं देने का सवाल है। अगर ऐसा हुआ है तो मेधावी अभ्यर्थी को काउंसलिंग में बुलाकर अवसर दिया जाएगा। अगर कोई जांच रिपोर्ट भी होगी, तो अगली सुनवाई में उसे कोर्ट के समक्ष रखेंगे और सरकार से उनका पक्ष भी सुनेंगे।