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राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने की रद्द, बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ दिया था बयान

Petition filed against Rahul Gandhi dismissed: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को रद्द कर दिया है। राहुल गांधी के खिलाफ उनके बयान को लेकर याचिका दाखिल की गई थी।

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इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश, फोटो सोर्स - ChatGPT

फोटो सोर्स - ChatGPT

Allahabad High Court dismisses petition filed against Rahul Gandhi: प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई याचिका को रद्द कर दिया है। जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई पूरी की। 9 अप्रैल को सुनवाई पूरी करते हुए निर्णय को सुरक्षित कर लिया। आज कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया और दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ बयान दिया था, जिस पर राहुल गांधी के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके पहले जिला जज की अदालत में भी याचिका दायर की गई थी, जिसमें 21 मई 2025 को संभल जिला जज ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब देने या कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में याचिका को खारिज कर दिया गया था, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

एमपी/एमएलए कोर्ट भी खारिज कर चुका है याचिका

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की थी। राहुल गांधी के बयान के खिलाफ एमपी एमएलए कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने के लिए आवेदन किया गया था, जिसे एमपी एमएलए कोर्ट ने भी खारिज कर दिया।

क्या बोले थे राहुल गांधी?

राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को कहा था कि हम बीजेपी, आरएसएस और भारतीय सरकार से लड़ रहे हैं। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी विचारधारा हजारों साल पुरानी है और विचारधारा के आधार पर  आरएसएस से लड़ाई लड़ रही है। बीजेपी और आरएसएस ने देश के संस्थानों में कब्जा कर लिया है। उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया बोले अब उनकी लड़ाई भारतीय सरकार से भी है।

जिले की अदालतों ने भी खारिज किया था कि आज का

इसके पहले सिमरन गुप्ता की याचिका को चंदौसी कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिका काफी कमजोर है। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। 9 अप्रैल को जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई की और फैसला सुरक्षित कर लिया। आज शुक्रवार को इस मामले में निर्णय सुनाया गया और याचिका को खारिज कर दिया।