भारत की सबसे चर्चित मर्डर मिस्ट्री आरूषि- हेमराज मर्डर केस में मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सीबीआई की जांच में विरोधाभास पर जवाब मांगा है और हत्या के वक्त चालू इन्टरनेट राउटर पर भी जानकारी मांगी। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
मामले में आरोपी आरूषि के पिता राजेश तलवार और माता नुपुर तलवार को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने सजा सुनाई है। वर्ष 2013 में सीबीआई कोर्ट ने दोनों आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ डॉ नूपुर तलवार और डॉ राजेश तलवार ने याचिका दाखिल की है, जिस पर सुनवाई हो रही है। जजमेंट रिजर्व होने के बाद कोर्ट फिर से पूरे मामले की सुनवाई कर रही है।
आरुषि-हेमराज की हत्या यूपी के नोएडा के जलवायु विहार के एल-32 फ्लैट में 15 मई 2008 की रात की गई थी। देश की सबसे चर्चित मर्डर मिस्ट्री पर लोगों की नजर लगातार बनी रही। पहले नोएडा पुलिस और फिर सीबीआई की दो-दो टीमों ने इस केस की जांच की। घटना में सनसनीखेज मोड़ उस वक्त आया जब सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को सीबीआई कोर्ट ने राजेश और नूपुर के खिलाफ चार्जशीट में बदल दिया। इसके बाद सीबीआई कोर्ट में बहस का लंबा दौर शुरू हुआ। बाद में वर्ष 2013 में सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने दोनों आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।