प्रयागराज

ऐसा क्या हुआ कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का नहीं हुआ पालन, अधिकारियों ने चला दिया बुलडोजर, फिर जाने क्या हुआ

कोर्ट की रोकने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। इसपर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अफसरों को फटकार लगाते हुए तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि अफसर या तो नुकसान की भरपाई करें या अवमानना की कार्रवाई का सामना करें। इस मामले में 16 अगस्त को सुनवाई होगी।  

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ऐसा क्या हुआ कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का नहीं हुआ पालन, अधिकारियों ने चला दिया बुलडोजर, फिर जाने क्या हुआ

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक के बावजूद बुलंदशहर जिले में योगी का बुलडोजर अधिकारियों ने चला दिया। सिटी रेजीडेंसी प्रोजेक्ट पर बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। कोर्ट की रोकने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। इसपर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अफसरों को फटकार लगाते हुए तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि अफसर या तो नुकसान की भरपाई करें या अवमानना की कार्रवाई का सामना करें। इस मामले में 16 अगस्त को सुनवाई होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालत की रोक के बावजूद बुलंदशहर जिले में एरो सिटी रेजिडेंसी प्रोजेक्ट पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई पर नाराजगी जहिर की है। गहरी नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। इस मामले में यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के सीईओ अरुणवीर सिंह समेत कई अफसरों को हाईकोर्ट में तलब कर लिया गया है।

स्टे होने के बावजूद चला बुलडोजर

बतादें कि एरो सिटी रेजिडेंसी प्रोजेक्ट पर कोर्ट का स्टे है। इसक बाद इसे बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। अदालत ने कहा है कि यह सभी अधिकारी या तो नुकसान की भरपाई करें या फिर 16 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर कोर्ट में खुद मौजूद रहें। यहां 29 मार्च को बुलडोजरों के जरिए धवस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी।

दिसंबर में लगाई थी हाईकोर्ट ने रोक

बुलंदशहर के झाझर इलाके में एरो सिटी रेजिडेंसी प्रोजेक्ट के खिलाफ धवस्तीकरण का फैसला लिया गया था। यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के इस फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिसंबर महीने में रोक लगा दी थी। अथॉरिटी और बुलंदशहर जिला प्रशासन ने इस रोक के बावजूद 29 मार्च को बुलडोजरों के जरिए इसे गिरा दिया। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल की गई। अदालत की अवमानना की होगी कार्रवाई।

आधा दर्जन अधिकारी तलब

इस मामले में जस्टिस सरल श्रीवास्तव की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई में अदालत ने कोर्ट की रोक के बावजूद धवस्तीकरण किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। इस दौरान आधा दर्जन अफसरों को तलब कर लिया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी या तो नुकसान की भरपाई करें या फिर कोर्ट में मौजूद होकर अवमानना की कार्रवाई का सामना करें। अदालत इस मामले में 16 अगस्त को फिर से सुनवाई करेगी।

Published on:
14 Apr 2022 11:37 am
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