डिप्टी सीएम सहित तीनों कैबिनेट मंत्री लगा रहे अपना दांव
इलाहाबाद. सूबे के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। भाजपा के सामने एक बार फिर मोदी और अब योगी लहर को साबित करने के लिए पूरी ताकत झोंकनी है, तो वही सत्ता से दूर हुई सपा को प्रदेश भर में अखिलेश यादव की लोकप्रियता साबित करने के लिए बड़ी जीत हासिल करने के लिए जद्दोजहद कर रही है।इन सबके बीच सबसे राजनीतिक बदलाव भी देखने को मिला है।अब तक सभी राजनीतिक दलों में भगदड़ कराने वाली भाजपा में ही सबसे ज्यादा अंतर कलह् निकाय चुनाव को लेकर है। विधानसभा चुनाव में कई दिग्गज नेताओं का टिकट इसलिए काट दिया गया कि उन्हें आगे मौका दिया जाएगा। उनमें से कई बड़े चेहरे मेयर चुनाव में दांव लगाने को तैयार हैं।तो वहीं भाजपा के ही अंदर तीन कैबिनेट मंत्रियों में मेयर की सीट लेने की लड़ाई चल रही है।
आपस मची खींचतान
विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव और खाली हुई फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में भी चुनाव होना है। जिले से तीन विधायक कैबिनेट मंत्री है।तो खुद डिप्टी सीएम भी जिले से सत्ता के हिस्से में है।तो वहीं संगठन के कई बड़े कार्यकर्ता और कई बड़े नेता अपने आप को खाली हुई सीटों पर चुनाव के मैदान में देख रहे हैं। लेकिन निकाय चुनाव और फूलपुर के उपचुनाव में किसी नए चेहरे के बजाय खुद योगी के मंत्रियों में खींचतान मची हुई है। शहर की राजनीति पर नज़र रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार के मुताबिक निकाय चुनाव और उपचुनाव में भाजपा को कहीं अपनों से ही न लड़ना पड़ जाए।और चुनाव से पहले दूसरी पार्टियों में दिखने वाली भगदड़ अब भाजपा में स्थानीय स्तर पर दिखने लगे।
केशव की कोशिश कोई करीबी आये फूलपुर
केशव प्रसाद मौर्य जहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी को जीतकर फूलपुर की सीट भाजपा की झोली में डाली और अब डिप्टी सीएम बनने के बाद वह सीट खाली हुई है।तो एक बार फिर किसी अपने को उस पर देखना चाहते है। तो वहीं भाजपा में राष्ट्रीय कद रखने वाले सिद्धार्थ नाथ सिंह अपने को पूरी तरीके से यूपी की राजनीति में फिट नहीं कर पा रहे हैं। और वह फूलपुर के लोकसभा चुनाव में अपना दावा ठोकने की तैयारी में है। भाजपा के सूत्रों की माने तो कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी अपनी पत्नी निवर्तमान मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी पर फिर से दाव लगाना चाहते हैं।
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By- Prasoon Pandey, Allahabad