मंगलवार को प्रयागराज पुलिस ने अतीक के कर्बला स्थित ऑफिस से 9 देशी- विदेशी हथियार और 75 लाख कैश बरामद किए। पुलिस ने यहां से अतीक के दो गुर्गों को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में अतीक के गुर्गे ने पुलिस को बताया कि उमेशपाल हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड लेडी बाहुबली थी।
उमेशपाल हत्याकांड में शामिल शूटरों को पकड़ने के लिए पुलिस जगह- जगह पर दबिश दे रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को प्रयागराज पुलिस ने अतीक के कर्बला स्थित ऑफिस पर छापेमारी की। इस दौरान अतीक के ऑफिस से देशी विदेश समेत 9 हथियार बरामद हुए और साथ में 75 लाख कैश मिले।
पुलिस ने यहां से अतीक के दो गुर्गों को भी गिरफ्तार किया। इनका नाम नियाज अहमद और मोहम्मद सजद है। दोनों अतीक के बेहद खास हैं। इन दोनों की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ से सीधी बात होती थी।
बताया जा रहा है कि अतीक का बेटा असद जब भी इन दोनों से मिलने जाता था तब इन दोनों से उनकी बात जरूर कराता था। इस वारदात में भी इन दोनों को ही उमेश पाल के दिनचर्चा को फॉलो करने की जिम्मेदारी मिली थी। सजद उमेश के घर के बगल में ही धूमनगंज इलाके में रहता था।
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अतीक के बीबी थी मास्टरमाइंड
पुलिस के पूछताछ में अतीक के गुर्गे नियाज अहमद ने उमेशपाल हत्या के मास्टरमाइंड खुलासा किया है। नियाज अहमद ने पुलिस को बताया कि उमेश पाल हत्याकांड की मास्टरमाइंड माफिया डॉन अतीक अहमद की बीबी शाइस्ता परवीन थी। अतीक की अनुपस्थिति में शाइस्ता ही इस ऑपरेशन को लीड कर रही थी। वह ना केवल शूटरों के साथ मीटिंग करती थी, बल्कि वह उनके लिए मोबाइल फोन, सिमकार्ड से लेकर पैसे रुपये की व्यवस्था भी खुद करती थी।
अतीक ने सौंपी थी शाइस्ता परवीन को ऑपरेशन की कमान
पुलिस को इस संबंध में पहले भी कई बार इनपुट मिले हैं। पुलिस के पास कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी मिले हैं। इस हत्याकांड में पहली बार अतीक के किसी गुर्गे ने अपने बयान में शाइस्ता का नाम लिया है। नियाज अहमद ने पुलिस को बताया कि उमेश पाल की हत्या अतीक के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। वह इस ऑपरेशन को हर हाल में कामयाब करना चाहता था। इसलिए उसने ऑपरेशन की कमान अपनी बीबी शाइस्ता को सौंप दी थी।
रणनीति तैयार करती थी शाइस्ता परवीन
शाइस्ता परवीन को इस ऑपरेशन की कमान मिलने के बाद वह ही रिपोर्ट बनाती थी। कब क्या करना इसकी रणनीति तैयार करती थी? शूटरों के साथ मीटिंग करती थी। इस वारदात को अंदाम देने से पहले शाइस्ता ने घर पर शूटरों के साथ बैठक की थी। वारदात के बाद शाइस्ता ने इन सभी को नए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कैश देकर भागने में मदद की। वहीं बाद में, जब पुलिस का शिकंजा उनके ऊपर कसने लगा तो वह खुद भी फरार हो गई।
22 टीमें शूटरों की तलाश में छान रही खाक
उमेश पाल हत्याकांड हुए 27 दिन हो गए हैं। प्रयागराज,लखनऊ और बरेली से लेकर नेपाल तक पुलिस और एसटीएफ की 22 टीमें शूटरों की तलाश में खाक छान रही हैं। लेकिन अभी तक पुलिस असद, अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तक नहीं पहुंच पाई हैं। यूपी पुलिस ने इन्हीं पांचों के सिर पर अब इनामी राशि भी बढ़ा दी है।
कब हुई थी उमेश पाल की हत्या
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके 2 सुरक्षाकर्मियों संदीप निषाद और राघवेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने धूमनगंज थाने में पूर्व सांसद अतीक अहमद, पत्नी शाइस्ता परवीन, 2 बेटों, अतीक के साथी बमबाज गुड्डू मुस्लिम, गुलाम मोहम्मद और 9 अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।