Atiq Ahmed: अतीक अहमद और अशरफ की ना सिर्फ राजनीति खत्म हो गई है बल्कि दोनों भाईयों के जेल से बाहर आने का भी रास्ता फिलहाल नहीं दिख रहा है।
उमेश पाल के अपहरण केस में अतीक और अशरफ जब पेशी पर आए तो वकीलों ने नारेबाजी करते हुए गालियां दीं। कोर्ट के बाहर एक शख्स अतीक के लिए जूतों की माला लेकर आया। 3 दशक से ज्यादा तक प्रयागराज में दबदबा बनाकर रखने वाले अतीक का आज पूरा परिवार जेल में है। राजूपाल हत्याकांड की तो खूब बात होती है लेकिन प्रयागराज के लोग कहते हैं कि इस परिवार को मदरसे की बच्चियों की बद्दुआ लगी।
साल 2007 में अतीक अहमद, खासतौर से अशरफ पर एक ऐसा आरोप लगा कि परिवार में किसी ने फिर कोई चुनाव नहीं जीता। राजनीति में अतीक हाशिये पर चला गया। साथ ही पत्नी समेत पूरा परिवार भी आज जेल में है।
क्या हुआ था 2007 में
प्रयागराज के करेली में एक लड़कियों का मदरसा है। गरीब घर के बच्चियों के लिए मदरसे में ही हॉस्टल भी बना था। 17 जनवरी 2007 की रात बंदूक लेकर 3 लोग इस मदरसे में घुसे। बंदूक के दम पर सबको बंधक बनाया और लड़कियों से चेहरा दिखाने को कहा। लड़कियों का चेहरे देख 2 लड़कियों को अपने साथ ले गए।
सुबह रोशनी होने से पहले ही ये दोनों बच्चियां जख्मी हालत में मदरसे के दरवाजे पर फेंक दी गई। बच्चियों के साथ रेप किया गया था। इस कांड में अतीक के भाई अशरफ के गुर्गों के शामिल होने के आरोप लगे।
घटना ने मुस्लिमों के बीच भारी गुस्सा भर दिया। पुलिस ने मामले में 5-6 लोगों को पकड़ा लेकिन कोई सबूत नहीं दे सके। आरोप लगा कि पुलिस ने खानापूर्ति के लिए इन लोगों को पकड़ लिया था। मामले में पुलिस ने जिस तरह से 2 दिन बाद FIR में रेप की धाराओं को जोड़ा। उसने लोगों को ये विश्वास दिल दिया कि कार्रवाई ना होने देने के पीछे अतीक और अशरफ ही हैं।
घटना के बाद अतीक का ग्राफ गिरता ही रहा
इस घटना के बाद अतीक और अशरफ कोई चुनाव नहीं जीत सके। मदरसा कांड को लेकर कहा जाता है कि इसने अतीक परिवार को मुस्लिमों के दिल से उतार दिया। शहर के लोग कहते हैं कि अतीक फिर कभी पुराने दबदबे को कायम नहीं कर सका क्योंकि उसको उन मासूमों की बद्दुआ लगी।