
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल शनिवार रात साढ़े दस बजे के हत्या कर दी गई। पुलिस दोनों भाई को काल्विन हॉस्पिटल में मेडिकल के लिए लेकर आई थी। दोनों भाई मीडिया से बात कर ही रहे थे की इसी दौरान शूटर ने अतीक के कनपट्टी में बंदूक सटाई और ट्रिगर दबा दिया।
असद के एनकाउंटर बारे में बोलने वाला था अतीक
आरोपियों ने करीब 10 राउंड फायरिंग किया। मौके पर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत हो गई। समय की अगर बात करें तो 40 सेकेंड में सबकुछ खत्म हो गया। ये पहला मौका होता, जब अतीक अपने बेटे असद के एनकाउंटर के बाद पहली बार कुछ बोलने वाला था और मीडिया उससे सवाल कर रही थी।
अशरफ मीडिया से मुखातिब हुआ इस दौरान उससे सवाल किया जाता है, जिसका जवाब देना वह शुरू करता है। तभी आचानक पटाखे जैसे आवाज होती है। वहां मौजूद लोगों को कुछ समझ ही नहीं आता है कि आखिर क्या हुआ है?
35-40 सेकेंड का ये घटनाक्रम बहुत तेजी से हुआ
सब कुछ बहुत तेजी से हुआ और धुंध जैसी छा गई। पांच-छह सेकेंड लोगों को समझ नहीं आया कि ये फायरिंग हो रही है। फिर लोगों ने देखा कि अतीक और अशरफ नीचे पड़े हैं और 3 लड़के ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे हैं। 35-40 सेकेंड का ये घटनाक्रम बहुत तेजी से हुआ।
मर्डर से पहले अतीक से बेटे के जनाजे में न जाने को लेकर सवाल पूछा जा रहा था। वह और अशरफ इसका जवाब देते हुए कुछ शब्द ही बोल पाए थे कि तभी अतीक के सिर पर फायर हुआ। पहला फायर होते ही सब किनारे हो गए। अतीक और अशरफ सामने थे। एक हमलावर दाईं ओर, दूसरा बाईं ओर तीसरा हमलावर पीछे थे। अतीक और अशरफ दोनों ही तीन ओर से घिरे हुए थे।
हमलावरों ने सरेंडरकर छोड़ दी बंदूक
बेतहाशा फायरिंग के बाद हमलावरों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने पुलिस को देखा और सरेंडर-सरेंडर चिल्लाने लगे। इसके साथ ही उन्होंने पिस्टल जमीन पर गिरा दी। थाना इंजार्ज ने उन्हें पकड़कर जीप में डाला।
मौके पर मिले डमी कैमरे और आईकार्ड
वहीं, तीसरा हमलावर जमीन में गिरा दिखा, जिसे पुलिस ने लेटे-लेटे ही कब्जे में लिया। मौके पर एक डमी कैमरे,NCR न्यूज का माइक और आइकार्ड भी पड़ा दिखा, जिस पर किसी पत्रकार ने कोई क्लेम नहीं किया। पुलिस कह रही है कि हत्यारे पत्रकार बनकर आए थे। वह कैमरा-आईकार्ड लेकर आए थे।