Atiq-Ashraf Murder: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार है। पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित ‌किया है। सूत्रों के अनुसार, शाइस्ता गुड्डू मुस्लिम के साथ है।
उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन और गुड्डु मुस्लिम फरार हैं। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक हाथ नहीं लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, उमेश पाल हत्याकांड में फरार अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन गुड्डू मुस्लिम के साथ है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। वहीं, दावा किया जा रहा है कि बमबाद गुड्डू मुस्लिम पुलिस का मुखबिर बन चुका है। उसी की मुखबिरी पर अतीक का बेटा असद एनकाउंटर में मारा गया। गुड्डू मुस्लिम अतीक का राजदार है। इसलिए वह सुरक्षित है।
शाइस्ता की तलाश में जुटी 7 टीमें
अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद से अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की 7 टीमें लगी हैं। शाइस्ता का सुराग पाने के लिए पुलिस टीमें घर की नौकरानी तक से पूछताछ कर रही हैं। शाइस्ता के घर काम करने वाली एक महिला काफी दिनों से घर से भागी हुई थी। पहले भी उसके घर छापामारी हुई थी।
अब वह महिला चकिया स्थित घर लौटी है तो पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। यह महिला शाइस्ता के साथ भी चलती थी। वहीं, पुलिस ने अशरफ की पत्नी जैनब फातमा की तलाश भी अब तेज कर दी है। दावा किया जा रहा है कि शाइस्ता प्रयागराज में ही कहीं छुपी हो सकती है। इसके मद्देनजर प्रयागराज और कौशांबी के कई इलाकों में पुलिस छापेमारी कर रही है।
अतीक गैंग पर बर्चस्व स्थापित करने में जुटी
शाइस्ता परवीन को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि वह अतीक अहमद गैंग पर अपना बर्चस्व स्थापित करने में जुट गई है। बेटे असद के एनकाउंटर और डॉन अतीक अहमद की हत्या के बाद भी सामने नहीं आने वाली शाइस्ता को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है।
कहा जा रहा है कि माफिया डॉन की उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों की संपत्तियों पर कब्जे के लिए वह चार्टर्ड एकाउंटेंट की मदद ले रही है। इनके जरिए वह उन संपत्तियों को अपने नाम पर करा रही है। पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहकर वह गैंग को भी ऑपरेट कर सकती है। इस प्रकार का अंदेशा भी लगाया जा रहा है। ऐसे में उसके प्रयागराज किसी इलाके में छुपे होने की खबर के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।
24 फरवरी को हुई थी उमेशपाल और दो गनर की हत्या
बता दें कि 24 फरवरी को प्रयागराज में बीएसपी विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और दो सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया गया था।