पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में कई और धाराएं बढ़ा दी हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सरकारी अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष दी। इस पर कोर्ट ने महेंद्र नाथ यादव के अधिवक्ता को इसके सत्यापन के लिए समय दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे केस में बहादुरपुर ब्लॉक प्रमुख रामकुमार को पांच महीने तक बंधक बनाए रखने के मामले में बस्ती सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में कई और धाराएं बढ़ा दी हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सरकारी अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष दी। इस पर कोर्ट ने महेंद्र नाथ यादव के अधिवक्ता को इसके सत्यापन के लिए समय दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
समाजवादी विधायक के खिलाफ ब्लॉक प्रमुख के अपहरण के आरोप में आईपीसी की धारा 365 और 342 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सपा विधायक ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष गुहार लगाई है। लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट को सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में कई और धाराएं बढ़ाई गई हैं। इस पर याची के अधिवक्ता ने इसके सत्यापन करने की बात कही। कोर्ट ने उन्हें तीन दिन का समय दिया है।
अभी इस संबंध में कोई अधिकारिक आदेश अभी जारी नहीं किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में कर्मचारियों में भी चर्चा थी। उनके निलंबन का आदेश यहां डिस्पैच सेक्शन से सुल्तानपुर जिला न्यायालय भेज दिया गया है। उनके निलंबन का फैसला हाईकोर्ट प्रशासनिक समिति ने लिया है।