वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी के साथ जालसाजी, साइबर सेल जांच में जुटी
प्रयागराज. ऑनलाइन जालसाजी करने वालों का एक बड़ा गैंग फिर सक्रिय हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के सीनियर पीसीएस वित्त लेखाधिकारी के साथ बड़ा जालसाजी का मामला सामने आया है। इसके बाद से अधिकारी और उनका परिवार परेशान है। अधिकारी द्वारा पुलिस के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और अपने सभी परिचितों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
दरअसल, शहर के कर्नलगंज थाना अंतर्गत रहने वाले वित्त लेखाधिकारी अजीत विक्रम सिंह सीनियर पीसीएस ऑफिसर है। गुरुवार की सुबह उनके पास लगातार कई फोन आए। लोगों ने पूछा कि आप ठीक हैं। क्या हो गया पैसे की जरूरत क्यों है, आपने फोन क्यों नहीं किया। कैश में चाहिए या अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं तो वह हैरान हो गए। उन्होंने अपने परिचितों को दोबारा फोन किया और कहा कि मैंने पैसे के लिए किसी को मैसेज नहीं किया।
मैसेंजर से मांगे गए रुपए
जब अजीत विक्रम सिंह ने पता किया तो पता चला कि फेसबुक के मैसेंजर से पैसे मांगे गए। उन्होंने अपना फेसबुक अकाउंट चेक किया तब देखा कि उनके फेसबुक अकाउंट की फोटो लगाकर एक फर्जी अकाउंट क्रिएट किया गया है। इसके जरिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं। यही नहीं एक सीनियर अधिकारी ने जालसाज के अकाउंट नंबर पर चालीस हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए।
फर्जी अकाउंट की जानकारी के बाद पीसीएस ऑफिसर के परिवार के लोग हैरान हैं। सभी ने अपना फेसबुक अकाउंट चेक किया। साथ ही सभी अपने सोशल अकाउंट पर जानने वालों को सतर्क रहने के लिए मैसेज भेज रहे हैं। इंस्पेक्टर कर्नलगंज के मुताबिक मामला संज्ञान में आया है। साइबर सेल की मदद से जालसाजी करने वाले की खोज की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरा गिरोह है जो बिहार, उत्तर प्रदेश और तमाम अलग-अलग राज्यों में काम कर रहा है। ये लोग पहले फेसबुक अकाउंट चेक करते हैं। उनकी एक्टिविटीज को देखते हैं और फिर प्रोफाइल चेक करते हैं कि कौन कितना बड़ा अधिकारी या बिजनेस मैन है। फिर इस तरह काम करते हैं।
वहीं सीनियर ऑफिसर अजित विक्रम सिंह ने कहा कि मैं इस घटना से बेहद हैरान हूं। इस तरह की जालसाजी की जा रही है। ऐसा कई बार होता है कि हम छात्र जीवन के कई मित्रों और सहयोगियों को उनके मैसेज या संदेश पर ही मदद कर देते हैं। लेकिन इस तरह की घटना तो संबंधो को खराब करने वाली है। घटना की जानकारी पुलिस को दे दी है।