
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad highcourt) ने बिकरू कांड (Bikru Case) में शामिल दो पुलिकर्मियों को जमानत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने साथ ही कहा कि पुलिस की पुलिसिंग कौन करेगा। पुलिस के दो कर्मियों एसओ विनय कुमार तिवारी व बीट ऑफिसर कृष्ण कुमार शर्मा पर बीते वर्ष हुए बिकरू कांड में साजिश रचने का आरोप लगा है। कोर्ट ने इश दौरान यह 40 वर्ष पुरानी एक सुनवाई में जस्टिस वीआर कृष्णा अय्यर के उस सवाल को उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि "पुलिस की पुलिसिंग कौन करेगा"। कोर्ट ने कहा कि यह सवाल अब भी एक बड़े प्रश्न चिह्न के साथ खड़ा है।
जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने माना की ऐसे कुछ पुलिस कर्मी है कि जो विभाग से ज्यादा उन गैंगस्टर के प्रति ज्यादा वफादार होते हैं, जिन्हें वह जानते हैं। ऐसे पुलिसकर्मी विभाग की छवि को धूमिल करने करने का काम करते हैं। जरूरी है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनके आचरण की मॉनिटरिंग हो। इसके लिए एक तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। यदि पहले से मौजूद है, तो उसे विभिन्न स्तरों पर कसा जाना चाहिए।
दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 302, 307, 504, 506, 353, 332, 333, 396, 412, 120 बी के तहत मामला दर्ज है। आरोप है कि इन दोनों के मुख्य आरोपी विकास दुबे को पुलिस के आने व तैयार रहने की सूचना दी थी। साथ ही दोनों ने पुलिसकर्मियों को उचित सहयोग भी नहीं दिया, जिससे कई जवान शहीद हो गए थे