
वाराणसी/ इलाहाबाद. बीजेपी की मेयर प्रत्याशी का दिल हाई स्कूल पास लड़के पर आ गया था। दोनों की जाति अलग-अलग थी, जिसके चलते परिजनों ने शादी करने से इंकार कर दिया था। दो साल तक प्रेम एक-दूसरे के प्यार में डुबे प्रेमी युगल ने घर से भाग कर शादी कर ली थी। आज पति व पत्नी के पास करोड़ों की दौलत है और दोनों ही राजनीति जगत में अच्छी तरह स्थापित हो गये हैं।
यह भी पढ़े:-बीजेपी में टिकट वितरण के बाद शुरू हो गया विद्रोह, चुनाव में हो सकता है पार्टी को नुकसान
हम बात कर रहे हैं कि इलाहाबाद की मेयर रही व बीजेपी से फिर से मेयर पद का चुनाव लड़ रही अभिलाषा गुप्ता की। बीजेपी के मंत्री नंद गोपाल नंदी के पत्नी अभिलाषा गुप्ता की लव स्टोरी भी बेहद खास है। अभिलाषा गुप्ता शादी के पहले अभिलाषा मिश्रा थी और नंद गोपाल नंदी व अभिलाषा का आवास महज ५०० मीटर की दूरी पर था। नंदी ने हाई स्कूल से पढ़ाई करने के बाद स्कूल से नाता तोड़ लिया था। नंदी के पास पैसे नहीं थे वह ५० पैसा लेकर फिल्म दिखाने का काम करते थे। इलाहाबाद के बहादुरगंज की गलियों में बच्चों को ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर फिल्म दिखा कर किसी तरह गुजारा करते थे। नंदी शुरू से ही बड़ा आदमी बनने का सपना देखते थे। छोटा बिजनेस करते-करते नंदी व अभिलाषा के बीच प्यार हो गया। अभिलाषा ब्राह्मण परिवार की थी इसलिए उनके परिजनों ने नंद गोपाल गुप्ता से शादी करने की मांग को अस्वीकार कर दिया था। दो साल तक प्रेम संबंध में रहने के बाद १९९५ में घर से भाग कर अभिलाषा ने नंदी से शादी कर ली। इसके बाद वह नंदी गुप्ता बन गयी।
यह भी पढ़े:-प्रत्याशी के चेहरे से अधिक पार्टी के नाम पर होगी वोटिंग
समय के साथ चमकी किस्मत तो करोड़पति हुआ परिवार
समय के साथ मंत्री नंद गोपाल नंदी की किस्मत चमकी तो व्यवसाय चलने के साथ ही वह राजनीति में आ गये। नंदी पहली बार वर्ष २००७ में बीएसपी के टिकट से विधानसभा चुनाव जीते थे। उस समय नंदी ने बीजेपी के बड़े नेता केशरी नाथ त्रिपाठी और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी जैसे दिग्गजों को हरा कर राजनीतिक जगत में अपना नाम किया था। बसपा की सरकार आते ही नंद गोपाल नंदी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वर्ष २०१२ में बसपा ने नंदी को फिर से टिकट दिया था लेकिन वह चुनाव हार गये थे। उसके बाद वर्ष २०१४ में कांग्रेस के टिकट से संसदीय चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा। वर्ष २०१२ में हुए मेयर के चुनाव में नंदी ने अपनी पत्नी अभिलाषा गुप्ता को मेयर पद का चुनाव लड़ाया था और अभिलाषा ने इलहाबाद मेयर पद का चुनाव जीत कर कांग्रेस को बड़ी संजीवनी दी थी। इसके बाद नंद गोपाल अपनी पत्नी के साथ बीजेपी में चले गये। वर्ष २०१७ में हुए संसदीय चुनाव में नंद गोपाल को जीत मिली और सीएम योगी सरकार में वह मंत्री भी है। बीजेपी ने एक बार फिर से अभिलाषा गुप्ता को मेयर का टिकट दिया है। इस चुनाव का परिणाम क्या होता है यह तो समय ही बतायेगा। इतना तो साफ है कि राजनीतिक जीवन की तरह नंद गोपाल नंदी का निजी जीवन भी एक समय चर्चा में था।
यह भी पढ़े:-राजा भैया की कुंडा से बीजेपी ने शशिप्रभा पाण्डेय को बनाया अध्यक्ष पद का प्रत्याशी, क्या जीत पायेंगी चुनाव