प्रयागराज

बीजेपी मेयर पद की प्रत्याशी का १० वीं पास लड़के पर आया था दिल, ऐसे करनी पड़ी थी शादी

आज करोड़ों का मालिक है उनका पति, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 6 Nov 2017, 6:01 PM IST
BJP Mayor Candidate Abhilasha Gupta
BJP Mayor Candidate Abhilasha Gupta

वाराणसी/ इलाहाबाद. बीजेपी की मेयर प्रत्याशी का दिल हाई स्कूल पास लड़के पर आ गया था। दोनों की जाति अलग-अलग थी, जिसके चलते परिजनों ने शादी करने से इंकार कर दिया था। दो साल तक प्रेम एक-दूसरे के प्यार में डुबे प्रेमी युगल ने घर से भाग कर शादी कर ली थी। आज पति व पत्नी के पास करोड़ों की दौलत है और दोनों ही राजनीति जगत में अच्छी तरह स्थापित हो गये हैं।
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हम बात कर रहे हैं कि इलाहाबाद की मेयर रही व बीजेपी से फिर से मेयर पद का चुनाव लड़ रही अभिलाषा गुप्ता की। बीजेपी के मंत्री नंद गोपाल नंदी के पत्नी अभिलाषा गुप्ता की लव स्टोरी भी बेहद खास है। अभिलाषा गुप्ता शादी के पहले अभिलाषा मिश्रा थी और नंद गोपाल नंदी व अभिलाषा का आवास महज ५०० मीटर की दूरी पर था। नंदी ने हाई स्कूल से पढ़ाई करने के बाद स्कूल से नाता तोड़ लिया था। नंदी के पास पैसे नहीं थे वह ५० पैसा लेकर फिल्म दिखाने का काम करते थे। इलाहाबाद के बहादुरगंज की गलियों में बच्चों को ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर फिल्म दिखा कर किसी तरह गुजारा करते थे। नंदी शुरू से ही बड़ा आदमी बनने का सपना देखते थे। छोटा बिजनेस करते-करते नंदी व अभिलाषा के बीच प्यार हो गया। अभिलाषा ब्राह्मण परिवार की थी इसलिए उनके परिजनों ने नंद गोपाल गुप्ता से शादी करने की मांग को अस्वीकार कर दिया था। दो साल तक प्रेम संबंध में रहने के बाद १९९५ में घर से भाग कर अभिलाषा ने नंदी से शादी कर ली। इसके बाद वह नंदी गुप्ता बन गयी।
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IMAGE CREDIT: Patrika

समय के साथ चमकी किस्मत तो करोड़पति हुआ परिवार
समय के साथ मंत्री नंद गोपाल नंदी की किस्मत चमकी तो व्यवसाय चलने के साथ ही वह राजनीति में आ गये। नंदी पहली बार वर्ष २००७ में बीएसपी के टिकट से विधानसभा चुनाव जीते थे। उस समय नंदी ने बीजेपी के बड़े नेता केशरी नाथ त्रिपाठी और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी जैसे दिग्गजों को हरा कर राजनीतिक जगत में अपना नाम किया था। बसपा की सरकार आते ही नंद गोपाल नंदी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वर्ष २०१२ में बसपा ने नंदी को फिर से टिकट दिया था लेकिन वह चुनाव हार गये थे। उसके बाद वर्ष २०१४ में कांग्रेस के टिकट से संसदीय चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा। वर्ष २०१२ में हुए मेयर के चुनाव में नंदी ने अपनी पत्नी अभिलाषा गुप्ता को मेयर पद का चुनाव लड़ाया था और अभिलाषा ने इलहाबाद मेयर पद का चुनाव जीत कर कांग्रेस को बड़ी संजीवनी दी थी। इसके बाद नंद गोपाल अपनी पत्नी के साथ बीजेपी में चले गये। वर्ष २०१७ में हुए संसदीय चुनाव में नंद गोपाल को जीत मिली और सीएम योगी सरकार में वह मंत्री भी है। बीजेपी ने एक बार फिर से अभिलाषा गुप्ता को मेयर का टिकट दिया है। इस चुनाव का परिणाम क्या होता है यह तो समय ही बतायेगा। इतना तो साफ है कि राजनीतिक जीवन की तरह नंद गोपाल नंदी का निजी जीवन भी एक समय चर्चा में था।
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Updated on:
6 Nov 2017, 6:01 PM IST
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