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प्रयागराज: नीले ड्रम में 5 करोड़ कैश के बाद अब घर में मिले 4 बंद बक्से, रडार से हो रही जमीन की तलाशी; जानिए पूरा मामला

Prayagraj Currency Seizure: प्रयागराज के बरईपुर गांव में जमीन में दबाकर रखे गए 5 करोड़ कैश मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अब घर से ताले लगे 4 बक्से भी मिले हैं। जानिए क्या है पूरा मामला...
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प्रयागराज

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Mohsina Bano

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Updated: 30 Oct 2026, 4:49 PM IST

Prayagraj Cash Recovery, Blue Drum Cash, Rakesh Yadav, Baraipur Village 5 Crore Cash, Prayagraj Income Tax Investigation, Prayagraj Cash Buried Underground

प्रयागराज में 5 करोड़ कैश मिलने के बाद अब घर में मिले 4 बंद बक्से (PC: @vishalpcbvisha1)

Prayagraj Cash Recovery in Blue Drums Update: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जमीन में गाड़कर रखी गई करोड़ों रुपये की नकदी मिलने के मामले में जांच तेज हो गई है। बरईपुर गांव में राकेश यादव के घर से नीले ड्रमों में दबाकर जमीन के नीचे रखे गए करीब 5 करोड़ रुपये की नकदी मिलने के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियां घर के दूसरे हिस्सों में भी छानबीन कर रही हैं। तलाशी के दौरान घर के अंदर से 4 बंद बक्से मिले हैं। इन पर ताले लगे हुए हैं।

जांच टीम जमीन के नीचे और नकदी छिपाए जाने की आशंका के चलते ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार की मदद ले रही है। मौके पर पुलिस के साथ आयकर विभाग और बैंक अधिकारियों की टीमें भी मौजूद हैं। मामले की जांच के लिए एक पुलिस टीम पुणे भी भेजी गई है। एजेंसियां पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे प्रयागराज तक कैसे लाया गया?

'घर के अंदर मिले 4 बंद बक्से, जमीन की खुदाई शुरू'

दरअसल, नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में बुधवार रात राकेश यादव के घर से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई थी। इनमें 500 रुपये की गड्डियों को कपड़े में लपेटकर ड्रमों में भरने के बाद जमीन के अंदर दबाया गया था। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, बरामद रकम करीब 5 करोड़ रुपये बताई गई है। अब जांच टीम को घर के अंदर 4 बंद बक्से भी मिले हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। इसके साथ ही घर की जमीन की खुदाई शुरू कराई गई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि नकदी घर के अलावा बगीचे, खाली जमीन या किसी दूसरे ठिकाने पर भी छिपाई हो सकती है।

पुणे से प्रयागराज कैसे पहुंची करोड़ों की नकदी?

अब तक की जांच में सामने आया है कि, नवाबगंज क्षेत्र के रहने वाले राजेश और उसका भाई राकेश कई साल तक पुणे में एक सर्राफा कारोबारी के यहां काम करते थे। कोरोना महामारी के दौरान दोनों प्रयागराज लौट आए थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी दौरान बड़ी मात्रा में नकदी प्रयागराज लाई गई और उसे ड्रमों में भरकर जमीन के नीचे दबा दिया गया। दोनों भाइयों से पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम पुणे भेजी गई है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम का स्रोत क्या है, इसे किसने दिया और इसे यहां लाने के पीछे क्या वजह थी? फिलहाल नकदी के स्रोत को लेकर जांच जारी है।

पूरे गांव की बिजली कटवाकर मारी गई रेड

नवाबगंज के बरईपुर गांव में राकेश यादव उर्फ महाकाल का पुश्तैनी मकान है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उसके घर में जमीन के नीचे बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखी गई है। इसके बाद पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक जानकारी पहुंचाई गई। बुधवार शाम करीब 6 बजे DCP गंगानगर सोनम कुमार और ADCP पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची। तलाशी अभियान शुरू करने से पहले पूरे गांव की बिजली कटवा दी गई। कार्रवाई में सोरांव की ACP श्यामजीत प्रमिला सिंह समेत 3 थानों की पुलिस मौजूद रही।

4.30 घंटे तक चला तलाशी अभियान

घर की तलाशी के दौरान पुलिस को जमीन में दबे तीन नीले ड्रम मिले जिनमें कपड़े में लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने करीब 4.30 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया और रात साढ़े 10 बजे वहां से लौटी। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर मकान सील कर दिया और आसपास के हिस्से की घेराबंदी कर दी। राकेश के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया गया है। DCP सोनम कुमार ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए लखनऊ से आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम भी पहुंच गई है।

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