हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान लिया
प्रयागराजए 26 । हाईकोर्ट बार के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य राजेश त्रिपाठी कोर्ट की अवमानना में फंस गए हैं। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है। मंगलवार को उनके खिलाफ अवमानना का केस मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की बेंच में लगा था। हालांकि इस मामले में न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा खुद को सुनवाई से अलग कर लेने के कारण मामले को नई पीठ के समक्ष नामित करने का आदेश दिया गया है।
अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की आधिकारिक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है । खुद राजेश त्रिपाठी भी अवमानना कार्रवाई के सही वजह से भिज्ञ नहीं है । परन्तु उनका कहना कि एक लिस्टेड मुकदमे को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के खिलाफ महानिबंधक को शिकायत भेजी गई है । राजेश का मानना है कि संभव है कि इसे लेकर भी उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई हो।