
Laxmi Narayan Tripathi in Favour of Mamta Kulkarni: बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के मामण्डलेश्वर मामले में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। महाकुंभ में आये संतों के बीच ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में संतों किन्नर अखाडा के संतों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
किन्नर अखाडा के संस्थापक ऋषि अजय दास ने प्रेस वज्ञप्ति जारी कर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाडा से निष्काषित कर दिया गया। आपको बता दें कि लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी किन्नर अखाडा की आचार्य महामंडलेश्वर थीं और प्रयागराज के महाकुंभ में ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाडा का महामंडलेश्वर बनाया गया था। राजू दास के इस एक्शन के बाद लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ऋषि राजू दास पर कई सवाल खड़े किये हैं।
किन्नर अखड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि सबसे बड़ी बात है कि जब अजय दास कहते हैं कि संस्थापक हैं तो जब हमने शुरुआत की थी 2015 में तो बेशक ऋषि अजय दास हमारे साथ थें। ऋषि अजय दास ने जो आश्रम किन्नर अखाड़े को दान में दिया उसको भी उन्होंने बेचकर सारा पैसा भोग-विलास में लगाया। कुछ दिन ऋषि अजय दास मुंबई में थे अब पाने परिवार के साथ जयपुर में रहते हैं। 2016 के कुंभ के सारा किन्नर अखाडा का पैसा ऋषि अजय दास गमन कर गए। किन्नरों के हाथ कुछ नहीं आया। ना आश्रम आया न कुछ आया।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि जब रजिस्ट्रेशन की बात हुई तब हमने अपना अखाडा खुद हमारे किन्नरों के साथ मिलकर रजिस्टर किया। अपने लोगों को हमने रजिस्ट्रेशन में रखा है। नए बोर्ड स्थापित होने पर अक्टूबर 2024 में हमारी बोर्ड मीटिंग भी हुई। 2017 में ऋषि अजय दास को हमलोगों ने निकला क्यूंकि उनके अलग-अलग रिश्तों से। हम किन्नर हैं। हम काली कोठरी से निकलकर आये थे धर्म में। हमारे आंचल में बहुत सारे कलंक के टीके लगे रहे। हम कोई और टेंशन नहीं लेना चाहते थे अपनी जिंदगी में इस कारण ऋषि अजय दास से हमने दुरी बना ली। इन्होने अर्चना दास से विवाह किया। इसकी पुत्री है कनक दास। इनके मित्र हैं कंप्यूटर बाबा। आहार वो संथापक बाबा। अगर वो संथापक होते तो किन्नर अखाड़ें में रहते। किन्नर अखाड़े से बयान जारी करते। किसी दूसरे के छावनी जाकर क्या जरूरत है कुछ बोलने-कहने के लिए ?
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि आज बड़ी दुख की बात है एक पब्लिसिटी के खातिर किसी हद तक गिर जा रहा है। आज अगर यहीं ममता इस्लाम काबुल लेती तो ये धर्माचार्य जो बन रहे हैं और जो हैं ये कुछ बोलते तब ? आज वो सनातनी बचा सनातन मे आ गया तो सबको पेट में दर्द हो गया।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि ऋषि अजय दास को हम कहां से जानेंगे ? जिनको हमने उनके की कुकर्मों की वजह से किन्नर अखाड़े से दुरी बना ली। किन्नरों ने मुझे आचार्य महामंडलेश्वर बनाया है। एक पुरुष किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर या आचार्य महामंडलेश्वर बनाने वाला कौन होता है ? मेरे सारे किन्नर जितने भी उपस्थित थें सबने मुझे किन्नर अखाड़े का आचार्य महामंडलेश्वर घोषित किया और उस पद पर बैठाया।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मेरे सब पुराने महामंडलेश्वर बात करेंगे इस बारे में और सबलोग बोलेंगे कि यही ऋषि अजय दास था जो लव गुरु बने थे पहले। इसका मुंह काला किया गया था और चपल्लों की माला पहनाई गई थी। उज्जैन में इनको मार-पीटा गया था। उज्जैन के जितने प्रेस-मीडिया वाले हैं इनकी पूरी हकीकत जानते हैं। आज ये चीप पब्लिसिटी के लिए ये सारा षड़यंत्र कर रहे हैं।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किन्नर अखाड़े के खिलाफ हम उनको नोटिस देंगे। मानहानि का दावा करेंगे। पूरा किन्नर अखाडा हमारे साथ है और हम किन्नर अखाड़े के साथ हैं। सारी मीडिया को मालुम है सारे मुक़दमे खत्म हो गए हैं। सारे केस क्लोज हो गए हैं। तब जाकर हमने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाया है। पहले उनको बोलिये आप अपना इनफार्मेशन अपडेट करें। टेक्नोलॉजी का यूज़ करके हम जो दूसरे पर लांछन लगा रहे हैं तो पहले अपने इनफार्मेशन को अपडेट करें बाद में कुछ कहें।
किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी और आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बाहर कर दिया है और इसकी वजह भी बताई है। ऋषि अजय दास ने क्या कहा ये जानने के लिए:
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने आगे कहा कि वो (ऋषि अजय दास) कौन होते हैं किन्नर अखाड़े को बताने वाला किसके साथ हमलोग रहेंगे। हमने 2019 में उनको वापस लिया था। बीच कुंभ से वो भाग गए। किन्नर अखाड़े का डिसिशन आचार्य महामंडलेश्वर और बोर्ड मेंबर करेंगे। जब वो बोर्ड में नहीं थे तो उनके पास डिसिशन पावर कहां से ? संस्था का जप बोर्ड होता है वहीं निर्णय लेता है। हमारा नया बोर्ड बना है हमारा डिसिशन है कि हम जूना अखाडा के साथ हैं। हम अखाडा परिषद के साथ हैं। हम अखाडा धर्म के साथ हैं। आप अजय दास की इस चीप पब्लिसिटी स्टंट पर मीडिया वारि-वारि जा रही है इसपर ही प्रश्नचिन्ह है मेरा। ऋषि अजय दास को बोलिये उनकी बेटी जयपुर में उनका इंतजार कर रही है। कनक के पापा कब आएंगे कुंभ से। हम निर्वंशी हैं। हम पैदा ही संयासी होते हैं।