मुआवजा दिये जाने की सरकार को नीति बनाने का निर्देश दिया जाय
प्रयागराज 26 मई । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औरैया दुर्घटना में 26 मजदूरों की मौत की घटना के बाद मृतकों व घायलों को एक ही वाहन मे रखकर झारखंड भेजने की खबर को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जिलाधिकारी औरैया व राज्य सरकार ने इस संबंध में कदम उठाये है। याची इस मामले को उचित फोरम या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उठा सकता है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने अधिवक्ता कमल कृष्ण राय व 4 अन्य की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि दुर्घटना के 40 घंटे बाद मृतकों व घायलों को एक वाहन मे रखकर झारखंड भेजने की अमानवीय घटना पर रोक लगाई जाय।
मांग की गयी थी कि घायलों को राज्य में न भेजकर वही इलाज कराये जाने तथा उचित मुआवजा दिये जाने की सरकार को नीति बनाने का निर्देश दिया जाय।मृतकों के साथ सम्मान जनक मानवीय व्यवहार किया जाय।