प्रयागराज

PCO चलाने वाले दिनेशी पासी और उमेश पाल में क्यों शुरू हुई थी दुश्मनी, अतीक-राजूपाल ने कैसे मारी इसमें एंट्री?

Dinesh Pasi: उमेश पाल के अपहरण में दिनेश पासी का भी नाम है, दिनेश कैसे उमेश का दुश्मन बना और अतीक के करीब कैसे आया?

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उमेश पाल (बायें), दिनेश पासी (दायें)

उमेश पाल अपहरण केस में पूर्व सांसद अतीक अहमद को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतीक के साथ 2 लोग सजा पाए हैं, उनमें एक नाम दिनेश पासी है। दिनेश पासी सिर्फ अतीक का करीबी ही नहीं है, उसकी उमेश से निजी दुश्मनी भी थी।


राजनीति के शौक ने बढ़ाया उमेश से बैर
दिनेश पासी और उमेश पाल दोनों को ही राजनीति का शौक रहा। उमेश पाल जिला पंचायत सदस्य रहे तो पासी भी पार्षद रह चुका है। ये राजनीति ही थी जिसने पासी और उमेश के बीच रंजिश पैदा की।

दिनेश पासी और उमेश दोनों एक ही इलाके, धूमनगंज के रहने वाले थे। दिनेश पासी का PCO का काम तो उमेश पाल पेशे से वकील थे। दोनों स्थानीय राजनीति में बढ़ने की कोशिश में लगे तो एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। इस सबमें उमेश को राजूपाल तो दिनेश पासी को अतीक का साथ मिला।

दिनेश ने उमेश पर लगाया था लूटपाट का आरोप
दिनेश की अतीक से नदजीकी बढ़ी तो उसने अतीक को साल 2004 में पार्षद का चुनाव लड़ाया और दिनेश सुलेम सराय से पार्षद बन गया। साल 2004 में ही दिनेश के पीसीओ में तोड़फोड़ और लूटपाट हुई। दिनेश ने जिन लोगों को इस मामले में धूमनगंज थाने में नामजद कराया, उनमें एक नाम उमेश पाल का भी था।


इस घटना ने दोनों के बीच रंजिश को काफी उभार दिया। इसके बाद 2005 में राजूपाल की हत्या हुई तो इसमें दिनेश पासी को आरोपी बनाया गया। दिनेश पासी मामले में जमानत पर छूटा तो 2007 में उमेश ने उसको अपने अपहरण के केस में नामजद कर दिया।

ऐसे में देखा जाए तो उमेश और दिनेश के बीच दो दशक से ज्यादा समय से रंजिश चल रही थी। इस रंजिश में एक पक्ष को राजूपाल तो दूसरे पक्ष को अतीक के संरक्षण ने गहरा दिया। अब दिनेश पासी को उमेश पाल अपहरण केस में उम्रकैद की सजा हो गई है।

प्रयागराज कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व सांसद अतीक अहमद IMAGE CREDIT:


10 में से 7 आरोपी हुए बरी
MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान सौलत हनीफ को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस में 10 आरोपी थे। कोर्ट ने अतीक अहमद के भाई अशरफ समेत दूसरे 7 आरोपियों को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया है।

2006 में हुआ था उमेश का अपहरण
उमेश पाल ने 5 जुलाई 2007 को अतीक और उसके भाई अशरफ के खिलाफ अपहरण का केस किया था। उमेश ने आरोप लगाया था कि फरवरी, 2006 में उसको किडनैप कर मारपीट की गई थी। इसी साल 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी।

Updated on:
30 Mar 2023 10:44 am
Published on:
30 Mar 2023 10:43 am
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