कुछ दिनों में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। लोग जोरों-शोरों से तैयारी कर रहे हैं। प्रयागराज में इस बार होलिका दहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए खास पहल की जा रही है। प्रयागराज नगर निगम ने पहली बार होलिका दहन में गोबर के उपलों का इस्तेमाल करने की तैयारी की है। […]
कुछ दिनों में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। लोग जोरों-शोरों से तैयारी कर रहे हैं। प्रयागराज में इस बार होलिका दहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए खास पहल की जा रही है। प्रयागराज नगर निगम ने पहली बार होलिका दहन में गोबर के उपलों का इस्तेमाल करने की तैयारी की है। इसके लिए नगर निगम ने एक लाख से अधिक उपले तैयार कर लिए हैं।
नगर निगम के पशुधन विभाग ने करीब 20 दिनों की मेहनत से ये उपले बनाए हैं। इसके लिए शंकरगढ़, गोहरी, रसूलपुर और मरियाडीह की गोशालाओं से गोबर मंगाया गया। साथ ही करीब 5 हजार और उपले तैयार किए जा रहे हैं, ताकि सभी वार्डों में इन्हें उपलब्ध कराया जा सके।
उपलों का वितरण कीडगंज क्षेत्र से शुरू किया जाएगा। इसके बाद नगर निगम के सभी जोनों और वार्डों में होलिका दहन के लिए उपले भेजे जाएंगे। नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी ने बताया कि पहली बार इस तरह की पहल की जा रही है। इसका मकसद वायु प्रदूषण को कम करना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गाय के गोबर के उपले पवित्र माने जाते हैं और इन्हें जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही, वैज्ञानिक दृष्टि से भी गोबर में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो वातावरण को शुद्ध करने में मदद करते हैं। नगर निगम की इस पहल से इस बार होलिका दहन पर्यावरण के लिए सुरक्षित और खास बनने जा रहा है।