22 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रयागराज में शाही फरमान: अफसरों की ड्यूटी लगी ‘अंडरवियर’ लाने में, प्रोटोकॉल लिस्ट देख दंग रह जाएंगे आप!

Prayagraj News: बीएसएनएल (BSNL) के डायरेक्टर के प्रस्तावित दौरे के लिए जारी एक विवादित प्रोटोकॉल चर्चा का विषय बन गया है। इस आधिकारिक आदेश में भोजन से लेकर अंडरवियर, साबुन, तेल और अन्य व्यक्तिगत सामान की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

2 min read
Google source verification
bsnl officer underwear protocol controversy prayagraj

प्रयागराज में शाही फरमान..

BSNL Officer Underwear Protocol: प्रयागराज में सरकारी कार्यप्रणाली और अफसरशाही का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। बीएसएनएल (BSNL) के एक आला अधिकारी के प्रस्तावित दौरे के लिए जिस तरह का 'शाही प्रोटोकॉल' तैयार किया गया, उसने विभाग की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला बीएसएनएल के डायरेक्टर (CFA) विवेक बंजल के दौरे से जुड़ा है, जिनके स्वागत और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए 50 से अधिक अधिकारियों की पूरी फौज उतार दी गई। इस वीआईपी कल्चर की चर्चा अब गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक आग की तरह फैल रही है।

अंडरवियर से लेकर कंघी तक का 'आधिकारिक' इंतजाम

इस पूरे विवाद की जड़ वह लिखित आदेश है, जिसमें डायरेक्टर साहब की सुख-सुविधाओं का बारीकी से ब्यौरा दिया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस प्रोटोकॉल चार्ट में न केवल उनके लंच और डिनर की जिम्मेदारी तय की गई, बल्कि एक विशेष कमेटी को उनके व्यक्तिगत सामान जैसे अंडरवियर, तौलिए, साबुन, तेल, शैम्पू, शीशा और यहाँ तक कि चप्पल (स्लीपर) खरीदने का भी जिम्मा सौंपा गया।

एक सरकारी आदेश में इस तरह की व्यक्तिगत वस्तुओं की लिस्ट देखकर हर कोई दंग रह गया कि क्या अब अफसरों की अंतःवस्त्र व्यवस्था करना भी सरकारी ड्यूटी का हिस्सा है?

खाने-पीने और 'वीआईपी किट' का खास खाका

प्रोटोकॉल सिर्फ व्यक्तिगत सामान तक सीमित नहीं था। जारी किए गए चार्ट में एक अलग किट की व्यवस्था के भी निर्देश थे, जिसमें मिनरल वॉटर, विभिन्न ब्रांड्स की चॉकलेट, चिप्स, फ्रूट जूस, कांच के गिलास और नैपकिन शामिल थे।

प्रयागराज बिजनेस एरिया के जीएम ऑफिस से जारी इस फरमान में स्पष्ट निर्देश थे कि डायरेक्टर साहब जब 25 और 26 फरवरी को कौशाम्बी के जैन तीर्थस्थल और प्रयागराज के विभिन्न केंद्रों का दौरा करेंगे, तो इन सभी सुविधाओं में रत्ती भर भी कमी नहीं आनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर फजीहत

जैसे ही यह 'शाही चार्ट' सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, नेटिजन्स ने विभाग को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। लोगों ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकारी अधिकारी अब 'पर्सनल अटेंडेंट' की तरह काम करेंगे? मामला बढ़ता देख और चौतरफा किरकिरी होते देख विभाग के हाथ-पांव फूल गए।

आनन-फानन में डीजीएम (DGM) कार्यालय ने शुक्रवार को एक नया नोटिस जारी किया, जिसमें पुराने आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की घोषणा की गई। विभाग ने सफाई दी कि पूर्व में जारी सभी निर्देश अब अप्रभावी माने जाएंगे।

अधिकारियों की चुप्पी और 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश

इस मामले पर जब विभाग के पीआरओ आशीष गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि प्रस्तावित दौरे को लेकर जारी पिछला आदेश अब रद्द हो चुका है और उसके सभी निर्देश अमान्य हैं।

हालांकि, सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर एक डीजीएम स्तर के अधिकारी ने ऐसा 'अजीबोगरीब' प्रोटोकॉल चार्ट बनाने की हिम्मत कैसे की? क्या यह चाटुकारिता की पराकाष्ठा थी या विभाग में इस तरह का 'वीआईपी कल्चर' पहले से ही जड़ें जमा चुका है? फिलहाल, आदेश तो वापस ले लिया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी गूँज अभी थमने का नाम नहीं ले रही है।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग