
ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ परिवाद दाखिल। फोटो सोर्स- फेसबुक (Om Prakash Rajbhar)
Complaint Against Om Prakash Rajbhar: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की कानूनी चुनौतियां बढ़ती दिख रही हैं। प्रयागराज की MP/MLA कोर्ट में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई हुई।
विशेष न्यायाधीश (MP/MLA कोर्ट) योगेश जैन ने परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मनीष खन्ना, विनीत विक्रम सिंह की दलीलें सुनने के बाद परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 24 मार्च की तारीख नियत की है।
दाखिल परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को बलिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने साल 2012-2017 के सपा शासनकाल में SDM नियुक्तियों को लेकर भ्रामक और असत्य बयान दिया। परिवादी के मुताबिक, उक्त बयान से ना केवल पार्टी की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा था, बल्कि एक विशेष समुदाय के खिलाफ सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया।
परिवाद में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि संबंधित नियुक्तियां लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से हुई थीं। मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़े किसी भी ऑफिशियल अभिलेख से मेल नहीं खाते। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356, 356(2), 356(3), 352 एवं 353 के अंतर्गत कार्रवाई की मांग की गई है।
बता दें कि 22 फरवरी को आजमगढ़ में मंत्री ओम प्रकाश राजभर एक विशाल जनसभा करेंगे। जिसे 'सामाजिक समरसता रैली' का नाम दिया गया है। सुभासपा का यह शक्ति प्रदर्शन मिशन 2027 के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से सपा का सबसे मजबूत गढ़ आजमगढ़ रहा है।
22 फरवरी को आजमगढ़ में ओपी राजभर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, "इस रैली से सुभासपा का चुनावी शंखनाद होगा। इसमें 10 हजार से ज्यादा प्रबुद्ध ब्राह्मण हिस्सा ले रहे हैं। अन्य जातियों के लोग भी रैली में आ रहे हैं।"
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Published on:
21 Feb 2026 11:49 am
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