कुम्भ मेले की तैयारियों को लेकर चौराहों के सौन्दर्यीकरण और सड़कों के चौड़ीकरण की वजह से देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निवास स्थान आनंद भवन के बगल से हटाई गई जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा
इलाहाबाद:देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को आज उन्ही के शहर में दर बदर होना पड़ा। संगम नगरी में जनवरी 2019 में लगने वाले Kumbh Mela की तैयारियों को लेकर शहर में चौराहों का सौन्दर्यीकरण और सड़कों का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। इसकी चपेट में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा भी आ गई। पंडित नेहरू के निवास स्थान रहे आनंद भवन के बगल स्थित बालसन चौराहे के चौड़ीकरण की जद में नेहरू की प्रतिमा आ गई।
निर्माण एजेंसी और प्रशासन द्वारा Nehru Statue हटाने की सूचना जैसे ही कॉंग्रेस नेताओं को मिली सब चैराहे पर पहुंच गए। Congress का साथ देने सपा के नेता भी बालसन चौराहे पर पहुंचे और प्रतिमा हटाने का विरोध किया।बालसन चौराहे पर यह प्रतिमा 1995 में स्थापित की गई थी।जिसका उदघाटन उस समय यूपी के तत्कालीन राज्यपाल मोती लाल बोरा ने किया था।कॉंग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत रत्न पंडित नेहरू की प्रतिमा हटाना एक विचारधारा को चोट पहुंचाने जैसा है। यह देश के पहले प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी का भी अपमान है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बालसन चौराहे के नजदीक स्थित भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता के बंगले और सामने लगी पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा से भी सड़क बाधित हो रही है, लेकिन इनको नहीं हटाया गया।इससे पूर्व प्रतिमा को शिफ्ट करने के दौरान कार्यकर्ता क्रेन रोककर नारेबाजी की।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के हर चौराहे पर लगी अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं को भी शिफ्ट करने की मांग की है।
पंडित नेहरू की लगी मूर्ति से कांग्रेस कार्यकर्ता अपने राजनितिक अभियान की शुरुवात करते है। बीते लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी अपनी यात्रा आनंद भवन से निकल कर यही से शुरू की थी।प्रशासन ने प्रतिमा चौराहे से हटा कर सड़क किनारे लगा दी है। लेकिन बने हुए पार्क को ख़त्म कर दिया। जिससे कांग्रेसी नेताओं में नारजगी है।