योगी सरकार की गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना प्रयागराज के लोगों के लिए वरदान साबित होने वाली है। इस परियोजना से न सिर्फ लोगों की राह आसान होगी बल्कि हजारों लोगों को रोजगार और उद्योग के सुनहरे अवसर मिलेंगे।
Ganga expressway: प्रयागराज और प्रतापगढ़ के बीच 42 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण क्षेत्र के 300 गांवों की तस्वीर बदलने वाली है। यह एक्सप्रेस-वे सोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू गांव से एनएच-19 से जुड़ते हुए प्रतापगढ़ तक जाएगा और अपने साथ ही विकास की नई कहानी लिखेगा। जिसका लाभ किनारे पर बसे 300 गावों के हजारों लोगों को मिलेगा।
एक्सप्रेस वे के दोनों किनारे विकसित होगा औद्योगिक कॉरिडोर
प्रयागराज जिले के डीएम मनीष कुमार वर्मा के अनुसार, इस परियोजना के दोनों किनारों पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इससे हजारों परिवारों को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही, कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योगों में भी तेजी आएगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, मंडियां और दुग्ध उद्योग भी यहां स्थापित किए जाएंगे।
फाइनेंशियल बिड खुलने के बाद औद्योगिक गलियारे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा रहा है। इसके किनारों पर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे और बिजली आपूर्ति के लिए सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा।
सरकार ने दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस परियोजना के पूरा होते ही मेरठ-प्रयागराज के बीच आवागमन आसान होगा और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।