प्रयागराज

‘मम्मी, पापा घर कब आएंगे?’: महीनों से पाकिस्तान में फंसे नाविक के मासूम बच्चे की यह पुकार झकझोर देगी दिल

Vineet Kishore Mishra Prayagraj: विनीत किशोर मिश्रा फरवरी 25 को ईरान के बंदर अब्बास एंकरेज से जहाज में शामिल हुए थे। जहाज 17 अप्रैल को कराची पोर्ट पहुंचा और लगभग 29 अप्रैल से कोर्ट अरेस्ट में है। जहाज पर छह भारतीय नाविक फंसे हुए हैं।
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Updated: 31 Oct 2026, 6:24 PM IST
Indian Seafarer Stranded in Karachi
फाइल फोटो

Indian Seafarer Stranded in Karachi: तीन साल के वेदांश मिश्रा बार-बार अपनी मां से पूछते हैं, 'मम्मी, पापा कब घर आएंगे?' यह सवाल परिवार के लिए दर्दनाक याद दिलाता है। वेदांश के पिता विनीत किशोर मिश्रा एक कार्गो जहाज के चीफ ऑफिसर हैं, जो अप्रैल से पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर फंसे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित उनका परिवार पिछले सात महीनों से उनके वापसी की जद्दोजहद कर रहा है।

जहाज कोर्ट की गिरफ्त में, नाविकों की स्थिति चिंताजनक

विनीत किशोर मिश्रा फरवरी 25 को ईरान के बंदर अब्बास एंकरेज से जहाज में शामिल हुए थे। जहाज 17 अप्रैल को कराची पोर्ट पहुंचा और लगभग 29 अप्रैल से कोर्ट अरेस्ट में है। जहाज पर छह भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। उनके रोजगार अनुबंध कई महीने पहले खत्म हो चुके हैं, लेकिन वे जहाज नहीं छोड़ पा रहे। पासपोर्ट और सीमैन बुक अधिकारियों या एजेंट के पास होने के कारण वे स्वतंत्र रूप से निकलने की व्यवस्था भी नहीं कर सकते।

नाविकों ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने लंबी बिजली कटौती, जरूरी सामान की कमी और स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति का जिक्र किया है। विनीत के पिता ललित किशोर मिश्रा, जो सेवानिवृत्त फौजी हैं, बताते हैं कि कभी-कभी नेटवर्क मिलने पर कुछ मिनट की बात हो पाती है। बिजली कटौती के बाद भोजन पोर्ट अधिकारियों से मिल रहा है।

परिवार दिल्ली पहुंचा, पीएम और राष्ट्रपति से अपील

परिवार ने कई नेताओं से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब वे दिल्ली के पहाड़गंज के एक होटल में ठहरे हुए हैं और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनके परिजनों को घर वापस लाया जाए।

विनीत की पत्नी नेहा बताती हैं कि बेटे के सवाल पर उनके पास कोई जवाब नहीं होता। वे कहते हैं कि ड्यूटी खत्म होने पर पापा लौट आएंगे। दंपति की 10 महीने की एक बेटी भी है। परिवार फिलहाल ससुर की पेंशन पर निर्भर है। एक सांसद और एक विधायक के पत्र केंद्र सरकार को भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली।

Updated on:
31 Oct 2026, 6:24 PM IST
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