Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर है। इस बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने शाही स्नान के शब्द 'शाही' पर आपत्ति जताई है। परिषद ने इस शब्द को बदलने के साथ-साथ नए शब्द का सुझाव भी दिया है।
Maha Kumbh 2025: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने शाही शब्द को बदलने की बात कही है। सुझाव दिया गया है कि 'शाही स्नान' का नाम बदलकर 'राजसी स्नान' कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह शब्द सनातन परंपराओं के अधिक अनुकूल है।
Maha Kumbh 2025 के शुरुआत में आयोजित किया जाएगा। इसमें करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है। अब अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने शाही स्न्नान का नाम बदलने की बात कही है। पुरी ने बयान जारी कर कहा कि 'शाही' उर्दू का शब्द है और इसे मुगलों ने गढ़ा था। इस शब्द का प्रयोग गुलामी का प्रतीक है और इसे बदलकर 'राजसी स्नान' कहा जाना चाहिए। शाही शब्द संस्कृत का है और सनातनी परंपराओं का प्रतीक है।
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज का दौरा किया और महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के लिए निर्देश जारी किया कि महाकुंभ के सभी काम समय से पूरे कर लिए जाएं। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने आश्वासन दिया कि सभी योजनाएं तय समय में चल रही हैं और इनकी नियमित समीक्षा की जा रही है।