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Magh Mela 2026: रामानंदाचार्य जयंती पर CM Yogi का हमला, बांग्लादेश मुद्दे पर चुप्पी साधने वालों पर निशाना

Ramanandacharya Jayanti: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के 726वें प्राकट्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। उन्होंने सेकुलरिज्म के नाम पर राजनीति करने वालों पर तीखा प्रहार किया और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने का आह्वान किया।

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सेकुलरिज्म का ठेका चलाने वालों के मुंह पर चिपक गया फेविकोल व टेप : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

सेकुलरिज्म का ठेका चलाने वालों के मुंह पर चिपक गया फेविकोल व टेप : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Magh Mela Ramanandacharya Jayanti: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को माघ मेले के दौरान आयोजित श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के 726वें प्राकट्य महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देश की वर्तमान सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर बेबाकी से अपने विचार रखे। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेकुलरिज्म के नाम पर राजनीति करने वालों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्षता का ठेकेदार बताते हैं, उनके मुंह पर आज फेविकोल और टेप चिपक गया है। खासतौर पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर उनकी चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, मत और संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटने की प्रवृत्ति देश और समाज के लिए उतनी ही घातक है, जितनी स्थिति आज बांग्लादेश में देखने को मिल रही है। वहां अल्पसंख्यक हिंदू, विशेषकर कमजोर और दलित वर्ग, अत्याचारों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन तथाकथित सेकुलर ताकतें इस पर मौन साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बांग्लादेश की घटनाओं पर कैंडल मार्च क्यों नहीं निकलते।

बांटने वाले कभी हितैषी नहीं हो सकते

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, वे कभी भी देश और समाज के हितैषी नहीं हो सकते। उन्होंने चेताया कि सत्ता में आने पर ऐसे लोग अराजकता फैलाते हैं, पहचान का संकट खड़ा करते हैं, सनातन धर्म पर प्रहार करते हैं और दंगों की आड़ में आम आदमी को झुलसाने का काम करते हैं।

सीएम ने कहा कि यह वही लोग हैं जो सत्ता में रहते हुए परिवार और अपने हितों से आगे नहीं सोचते थे। आज ये नए-नए नारे गढ़ रहे हैं, लेकिन इनका इतिहास सबके सामने है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि ऐसे तत्वों को दोबारा पनपने का अवसर न दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार सनातन आस्था को मजबूती देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

सनातन धर्म का आने वाला समय

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जिस तरह अयोध्या में भव्य राम मंदिर पर ध्वज लहरा रहा है, उसी तरह आने वाले समय में पूरी दुनिया में सनातन धर्म का झंडा फहराएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जब सनातन समाज संगठित होगा, तब बांग्लादेश जैसे देशों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा करने का दुस्साहस कोई नहीं कर पाएगा।

धर्म, न्याय और ज्ञान की पावन धरा है प्रयागराज

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि धर्म, न्याय और ज्ञान की त्रिवेणी है। महर्षि भारद्वाज, महर्षि वाल्मीकि जैसे ऋषियों ने इस पावन धरा को अपने तप और साधना से सनातन धर्म का केंद्र बनाया। त्रिवेणी संगम पर मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के संगम का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां आकर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। सीएम ने बताया कि 726 वर्ष पूर्व इसी पावन भूमि पर भक्ति शिरोमणि जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी का प्राकट्य हुआ था, जिन्होंने बिखरे समाज को जोड़ने का कार्य किया।

रामानंदाचार्य जी के प्राकट्य स्थल पर बनेगा स्मारक और मंदिर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि दारागंज में जिस स्थल पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी का प्राकट्य हुआ था, वहां स्मारक और मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने संत समाज से संवाद करते हुए कहा कि सरकार इस पावन कार्य में हर संभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि रामानंदाचार्य जी महाराज ने समाज को जोड़ने की जो प्रेरणा दी, उसे जीवन का मंत्र बनाना चाहिए।

महामानव की दृष्टि परमार्थ के लिए होती है

सीएम योगी ने कहा कि कोई व्यक्ति अचानक महान नहीं बनता। महानता के लिए दिव्य गुणों, दृढ़ इच्छाशक्ति और परमार्थ की दृष्टि आवश्यक होती है। सामान्य व्यक्ति केवल अपने परिवार तक सीमित सोचता है, जबकि ईश्वरीय गुणों से संपन्न महामानव की सोच समाज और मानवता के कल्याण के लिए होती है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी ऐसे ही महामानव थे, जिन्होंने परमार्थ को अपना लक्ष्य बनाया।

मत-संप्रदाय के आधार पर मत बंटो : रामानंदाचार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि 726 वर्ष पूर्व का समय भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, जब विदेशी आक्रांताओं द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। उस समय रामानंदाचार्य जी ने मत-संप्रदायों को एकजुट करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर के चरणों में शरणागति का अधिकार सभी को है। रामानंदाचार्य जी ने विभिन्न जातियों और वर्गों से बारह शिष्यों को दीक्षा देकर समाज को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनकी परंपरा से निकली विभिन्न धाराएं आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रही हैं।

संत समाज की एकता से आया राम मंदिर का परिणाम

सीएम योगी ने कहा कि जब संत समाज एक मंच पर आकर समाज को जोड़ने का उद्घोष करता है, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संतों की साधना और एकता का परिणाम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने राम मंदिर का दर्शन किया, शिलान्यास किया, प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल हुए और मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद सनातन धर्म की ध्वजा फहराने के कार्यक्रम में भी उपस्थित रहे।

एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु कर चुके संगम स्नान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम में स्नान कर मां गंगा, यमुना और सरस्वती के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पौष पूर्णिमा पर 31 लाख श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और पिछले पांच-छह दिनों में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सब संभव हुआ है बेहतर व्यवस्थाओं और आस्था के सम्मान के कारण। इस अवसर पर अनेक संत-महात्मा, मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संत समाज की एकता और सनातन धर्म की अखंडता का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।