Mamta Kulkarni expelled from Kinnar Akhara : ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से बाहर कर दिया गया है। इसकी जानकारी किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने दी।
प्रयागराज : अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े ने बाहर निकाल दिया है। किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने यह बयान जारी किया।
उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा, 'अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ बैठकर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े से कोई संबंध नहीं रखा जाएगा। वह अखाड़े की कोई भी पदाधिकारी या सदस्य नहीं हैं। हम अपने अखाड़े में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं चाहते हैं।
किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने आगे कहा कि, मौनी अमावस्या के दिन हुई बटुकों की पिटाई से हम नाराज और आहत हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने बयान दिया था। ममता कुलकर्णी ने कहा था कि केवल वस्त्र पहन लेने या पद पा लेने से कोई संत नहीं बन जाता। आज 10 में से 9 महामंडलेश्वर झूठे हैं।
ममता कुलकर्णी ने दो सवाल भी पूछे थे? पहला उन्हें शंकराचार्य नियुक्त किसने किया और दूसरा, करोड़ों लोगों की भीड़ में पालकी ले जाने की क्या जरूरत थी? ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की वजह से उनके शिष्यों की पिटाई हुई है। अगर वह पालकी से न जाकर पैदल चले जाते तो ऐसा कुछ भी नहीं होता। लेकिन, वह जिद पर अड़े रहे। यह गुरु का आचरण नहीं होता है। गुरु का आचरण जिम्मेदारी और सौम्यता से भरा हुआ होता है।
उन्होंने कहा कहा था, 'मैंने अपने आध्यात्मिक सफर में बहुत कम सच्चे संत देखे हैं। दस में से नौ लोग ऐसे मिले, जो झूठे थे और केवल पद और पहचान के पीछे भाग रहे थे। इसी अनुभव के चलते मुझे अब महामंडलेश्वर का पद एक हास्य विनोद जैसा लगने लगा है। जब हर दूसरे दिन नए महामंडलेश्वर बनाए जा रहे हों, तो ऐसे में पदों की गंभीरता अपने आप खत्म हो जाती है।'