
इलाहाबाद :एससी एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद के समर्थन में गुरुवार को इलाहाबाद में व्यापक असर देखने को मिला। वहीं भारत बंद के आवाहन करने वाले संगठनों पर प्रशासन की नजर रही । कई संगठन के कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया ।साथ ही तमाम संगठनों के पदाधिकारियों को प्रदर्शन से दूर रहने की हिदायत भी दी गई।
राष्ट्रीय हिंदू संगठन के राष्ट्रीय सचिव चन्द्रिका पाण्डेय ने बुधवार की शाम एक वीडियो वायरल करके भारत बंद समर्थन का आवाहन किया था।जिसमे कहा था कि अगर भारत बंद के दौरान दुकानें खुली दुकानों में आग लगा दी जाएगी। इसके बाद गुरुवार की भोर सुबह चार बजे राष्ट्रीय हिंदू संगठन के राष्ट्रीय सचिव सहित कई पदाधिकारियों को उनके आवासों से हिरासत में लिया गया। और सब को नजरबंद किया गया है। वही सनातन एकता परिषद के कार्यलय के बाहर भारी फ़ोर्स तैनात रही।
एससी एसटी एक्ट के विरोध में सामाजिक संगठनों सहित जिला न्यायालय के अधिवक्ता विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं सहित व्यापारी दुकानदार और ठेकेदारों ने अपना अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी है। शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक्ट प्रमोशन में आरक्षण जाति आरक्षण के खिलाफ बंदी का असर देखने को मिला। गंगा पार के नबाबगंज सहित फाफामऊ ,कमलानगर ,होलागढ़ में बाज़ार बंद रहे । वही यमुना पार इलाके में सवर्ण बाहुल्य इलाके बंद रहे।
राष्ट्रीय हिंदू सेना के अध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सत्या ने कहा की हमे नजर बंद करके हमारी आवाज को सरकार नही दवा सकती। सरकार को विधेयक वापस लेना होगा।भाजपा यह विधेयक वापस नही लेती है तो सत्ता से हमेशा के लिए भाजपा बेदखल होगी।एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज के लोगो में आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान मोदी सरकार के खिलाफ जम कर नारे बाजी हुई।मोदी को जाति वादी करार दिया गया।