प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट ने तय किये मुख्तार अंसारी पांच धाराओं में आरोप। मुख्तार ने फैसले पर दोबारा विचार करने की लगाई गुहार।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज.
यूपी के बांदा जेल में बंद मऊ से बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर एमपी-एमएलएए कोर्ट ने फर्जी शस्त्र मामले में आरोप तय कर दिये हैं। मुख्तार पर पांच धाराओं आईपीसी की 467, 468, 420, 120-बी और एंटी करप्शन की धारा 13 (2) के तहत आरोप तय किये गए हैं। मुख्तार अंसारी के खिलाफ ये मामला 1987 का था, जिसपर 33 साल बाद आरोप तय हुए हैं। अब इन्हीं धाराओं के तहत मुख्तार अंसारी के खिलाफ मुकदमा तय होगा।
एमपी एमएलए कोर्ट की सुनवाई के दौरान खुद मुख्तार भी मौजूद रहे और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर फैसले पर दोबारा से विचार करने की गुहार लगाई। मुख्तार अंसारी पर 10 जून 1987 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोनाली बंदूक का लाइसेंस लेने का आरोप लगा थ। इस मामले मेूं उनके खिलाफ गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।