लखनऊ हाईवे पर मलाक हरहर के पास चंदापुर गांव स्थित कोल्ड स्टोरेज में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में स्टोरेज संचालक और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान, उनके बेटे मंजूर और भतीजे अलाउद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की […]
लखनऊ हाईवे पर मलाक हरहर के पास चंदापुर गांव स्थित कोल्ड स्टोरेज में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में स्टोरेज संचालक और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान, उनके बेटे मंजूर और भतीजे अलाउद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को मंगलवार दोपहर भदरी फ्लाईओवर के पास से पकड़ा। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, जबकि कुछ अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है। बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस लीक होने के बाद टैंक फट गया था, जिससे इमारत की छत और दीवारें गिर गईं। इस हादसे में 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि कोल्ड स्टोरेज काफी पुराना और जर्जर हालत में था, जहां सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं थे।
आरोप है कि ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए तय क्षमता से ज्यादा सामान और गैस भरी गई थी, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। वहां काम करने वाले मजदूरों को भी कोई खास ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। इस बीच, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।