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Prayagraj: बनारस में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी का मामला, हाईकोर्ट ने दी जमानत

Allahabad High Court granted bail to eight accused इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी की गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वालों में से 8 को जमानत दे दी। इसके पहले निचली अदालत में जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ‌ मामला अप्रैल महीने का है। ‌

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बनारस की गंगा नदी में इफ्तार पार्टी, हाई कोर्ट ने दी जमानत, फोटो सोर्स- ChatGPT

Varanasi Ganges river Iftar party: प्रयागराज में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बनारस के गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वाले आरोपियों में से 8 को जमानत दे दी इसके पहले निचली अदालत में सभी आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था इसके बाद आरोपी दे की तरफ से हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई जिस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आठ आरोपियों को जमानत दे दी इस मामले में कल 14 इफ्तार करने वालों को गिरफ्तार किया गया था। ‌

मार्च महने में रोजा इफ्तार की पार्टी हुई थी गंगा में

उत्तर प्रदेश के बनारस में गंगा नदी की बीच धार में रोजा इफ्तार पार्टी का वीडियो सामने आया था। जिसमें नाव में बैठकर चिकन बिरयानी खाई गई थी और हड्डियों को गंगा नदी में फेंकने की घटना हुई थी। मार्च 2026 को हुई इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त था। भाजपा युवा मोर्चा के रजत जयसवाल ने इस संबंध में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। मामला पंचगंगा घाट से जुड़ा हुआ है। भाजपा युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष रजत जयसवाल की तहरीर पर कोतवाली थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

14 के खिलाफ दर्ज कराया गया था मुकदमा

मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिनमें आजाद अली, मोहम्मद समीर, मोहम्मद तौसीफ अहमद, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद तहसीम, नूर इस्माइल, मोहम्मद अहमद, आमिर कैकी, मोहम्मद अहमद, महफूज आलम, नेहाल अफरीदी, दानिश सैफी, मोहम्मद अव्वल, मोहम्मद अनस शामिल थे। पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में धार्मिक भावनाएं आहत करने, गंगा प्रदूषण, कथित रूप से नाव चालकों को धमकाने, और सार्वजनिक उपद्रव की बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी जमानत

गिरफ्तार अभियुक्तों की तरफ से बनारस की निचली अदालत में जमानत याचिका डाली गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद अभियुक्तों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका डाली। इस संबंध में हाई कोर्ट ने राज सरकार से भी जवाब मांगा था। हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 8 अभियुक्तों को जमानत दे दी है। ‌