
Prayagraj flood: पिछले तीन दिनों से बढ़ रहे नदियों के पानी के चलते संगम नगरी प्रयागराज बाढ़ की चपेट में आ गई है। रविवार शाम गंगा और यमुना का जल स्तर चेतावनी बिंदु पार करते हुए खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। नदियों के किनारे बसे हर मुहल्ले पानी में डूब गए हैं। सैकड़ों मकानों में पानी भरा है। कहीं लोग छतों पर फसे हैं तो कही मकान छोड़ कर दूसरी जगह शरण ले चुके हैं। प्रशासन लगातार निगरानी और राहत में जुटा है। माना जा रहा है कि इसी तरह से गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ता रहा तो मुसीबत और बढ़ेगी।
भारी वर्षा से प्रयागराज में आई मुसीबत
Prayagraj flood alert: उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में वर्षा के चलते गंगा का जल स्तर बढ़ा है, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान व बुंदेलखंड क्षेत्र समेत दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के कारण यमुना नदी का पानी बढ़ गया है।
जलस्तर बढ़ने से हाई अलर्ट घोषित
प्रयागराज की गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। निचले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए स्नान घाटों पर स्नान, सेल्फी लेने व फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी पर रोक लगा दी गई है। 60 से ज्यादा स्टीमर, मोटर बोट व 800 नावें लगाई गई हैं।
एक दर्जन मोहल्लों में भरा पानी (prayagraj flood)
एनडीआरएफ की एक, एसडीआरएफ की दो, पीएसी बाढ़ राहत दल की दो, जल पुलिस की एक कंपनी लगा दी गई है। जो लगातार काम में जुटी हैं। तटीय इलाकों में बसे लोगों के घरों में पानी घुस गया है। बघाड़ा समेत एक दर्जन मोहल्लों की दो दर्जन से ज्यादा गलियों में पानी भर गया है।