पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी पिता ने सच्चाई को बयां करते ही फूटफूटकर रोने लगा। इसके बाद कहा कि मैंने अपने से ही अपना परिवार बरबाद कर लिया है। इसके बाद वह कहा कि मैंने अपने ही हाथों से सब कुछ बरबाद कर किया है। आरोपी ने अफसरों के सामने भी वह यही कहता रहा कि वह नहीं जानता था कि युवक कौन है। उधर घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों व परिचितों का कहना था कि सुनील का तीनों बच्चों में सबसे ज्यादा लगाव अपनी बेटी से था।
प्रयागराज: नैनी थाना क्षेत्र में प्रेमिका के घर प्रेमी की गोलीमार हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ढाबा संचालक आरोपी सुनील मिश्रा ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश में नाकाम रहा। आरोपी पिता ने ही बेटी की प्रेमी अर्णव को गोली मारकर फिर जख्मी बेटी के हाथों में पिस्टल पकड़ा दिया था। इसके बाद उसने सुबह पांच बजे के लगभग 112 पर फ़ोन करके घटना की जानकारी पीरवी को दी। पिता से पूछताछ करने पर वह अपने ही बयानों में फस गया और घटना को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने पिता कस्टडी में लेकर विधिक कार्रवाई में जुटी है।
पुलिस के सामने सच्चाई बयां करते फूट-फूटकर रोया आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी पिता ने सच्चाई को बयां करते ही फूटफूटकर रोने लगा। इसके बाद कहा कि मैंने अपने से ही अपना परिवार बरबाद कर लिया है। इसके बाद वह कहा कि मैंने अपने ही हाथों से सब कुछ बरबाद कर किया है। आरोपी ने अफसरों के सामने भी वह यही कहता रहा कि वह नहीं जानता था कि युवक कौन है। उधर घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों व परिचितों का कहना था कि सुनील का तीनों बच्चों में सबसे ज्यादा लगाव अपनी बेटी से था। वह उसकी लाडली थी और घर में केवल उसका ही जन्मदिन मनाया जाता था। अपने सोशल मीडिया अकाउंट में भी उसने बेटी के साथ ही अपनी प्रोफाइल फोटो लगा रखी है।
क्लास छुटाने के बाद भी प्यार का रिश्ता बना रहा
मृतक अर्णव और घायल लड़की का गहरा रिश्ता था। दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे। अर्णव बुधवार की सुबह से प्रेमिका के घर मिलने आया था। स्कूल से साथ छूट जाने के बावजूद वह दोनों इंस्टाग्राम से बात करते थे। इसके बावजूद वह मिलते जुलते थे। घटना वाले दिन भी अर्णव अपने प्रेमिका के घर मिलने गया था।