
PCS ज्योति मौर्य के पति आलोक राजनीति में करने जा रहे एंट्री?
Jyoti Maurya and Alok Maurya latest news: प्रयागराज में PCS अधिकारी ज्योति मौर्य (Jyoti Maurya) और उनके पति आलोक मौर्य (Alok Maurya) के बीच चल रहे विवाद ने पिछले एक साल से लगातार सुर्खियां बटोरी हैं। हाल ही में आलोक मौर्य ने संकेत दिए हैं कि दोनों के बीच सुलह की संभावना बन रही है। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत सफल रहती है, तो वे अपने बच्चों के साथ फिर से साथ रहने लगेंगे। हालांकि इस मुद्दे पर ज्योति मौर्य की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसी बीच आलोक मौर्य की कुछ तस्वीरें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के साथ सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिससे उनके राजनीतिक रुझान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित एक शिक्षामित्र सम्मान समारोह में केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए, जहां आलोक मौर्य भी मौजूद थे। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि वह अब सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।
एक निजी चैनल से बातचीत में आलोक मौर्य ने स्पष्ट किया कि वह अब जनसेवा की भावना के साथ राजनीति में करियर बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका झुकाव भारतीय जनता पार्टी की ओर है, लेकिन अन्य राजनीतिक विकल्प भी उनके लिए खुले हुए हैं। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी किस्मत आजमाने की इच्छा भी जताई है।
आलोक मौर्य ने सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि वह राजनीति में महिलाओं के 50 प्रतिशत आरक्षण के समर्थक हैं। साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई कि महिला आयोग की तर्ज पर पुरुष आयोग का भी गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पुरुष आयोग की स्थापना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक होगी और इस मुद्दे को वह राजनीतिक मंच पर जोर-शोर से उठाएंगे।
आलोक मौर्य का दावा है कि सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर उनके समर्थकों की अच्छी संख्या है। उन्होंने कहा कि समर्थकों की इच्छा और सुझाव के आधार पर ही वह राजनीति में कदम रख रहे हैं और समाज की सेवा करना चाहते हैं।
फिलहाल आलोक मौर्य प्रतापगढ़ के पंचायत विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में सक्रिय रूप से आने से पहले वह अपनी सरकारी नौकरी छोड़ देंगे। वहीं, ज्योति मौर्य से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्देश पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता और बातचीत की प्रक्रिया चल रही है। यदि बातचीत सफल होती है तो वे परिवार के साथ रहेंगे, अन्यथा अलग जीवन जीने का निर्णय लेंगे।
आलोक मौर्य के बयानों और हालिया गतिविधियों से यह साफ है कि वे निजी विवाद से आगे बढ़कर अब सार्वजनिक जीवन और राजनीति में अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह कदम किस दिशा में जाता है और राजनीतिक समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ता है।
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Updated on:
06 May 2026 02:54 pm
Published on:
06 May 2026 02:53 pm
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