
Commissioner Surprise Inspection of Cowshed: प्रयागराज में गौशाला के औचक निरीक्षण के दौरान कमिश्नर को घोर अनियमितताएं मिली। गौशाला के अंदर अव्यवस्थाओं और गंदगी का अंबार लगा था। जगह-जगह जल भराव की स्थिति थी। भूसे की भी कमी दिखाई पड़ी। जिससे नाराज होकर उन्होंने तत्काल प्रभाव से ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया जबकि सहायक विकास अधिकारी पंचायत और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को भी कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय काटी का भी निरीक्षण किया। पाई गई खामियों पर प्रधानाध्यापक को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान राजमार्ग को स्कूली बच्चे पार करते हुए दिखाई पड़े। इस पर उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया कि शिक्षामित्र की ड्यूटी बच्चों को लाने और ले जाने में लगाई जाए। मामला जसरा विकासखंड से जुड़ा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के जसरा विकासखंड अंतर्गत काटी गांव में गौशाला संचालित है। जिसमें बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को रखा गया है। प्रयागराज कमिश्नर लोकेश एम ने आज जसरा गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यहां अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। गौशाला में गंदगी, जल भराव और गोवंश की उचित देखभाल न होने पर नाराजगी व्यक्त की।
मौके पर मौजूद गौशाला कर्मियों ने बताया कि पिछले 4 महीने से भूसा और चारे की सप्लाई नहीं हुई है। अब उनके पास मात्र दस दिन का ही भूसा बचा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कई महीने से उन्हें वेतन भी नहीं मिला है। जिससे उनके सामने परिवार के पालन पोषण की भी समस्या हो गई है।
कमिश्नर लोकेश एम ने गौशाला में व्याप्त अनियमिताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सहायक विकास अधिकारी पंचायत और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज को भी कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया है। उन्होंने बारिश को देखते हुए गोवंश को तत्काल सुरक्षित और सुखे स्थान पर समुचित व्यवस्थाओं के साथ स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने काटी प्राथमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। बच्चों की कम उपस्थिति मिली। इसके साथ ही बच्चों को राजमार्ग पार करते देखा तो नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया कि प्रधानाध्यापक को कारण बताओं नोटिस जारी किया जाए। इसके साथ ही एक शिक्षामित्र की ड्यूटी बच्चों को गांव से राजमार्ग पार करके सुरक्षित लाने और फिर गांव वापस छोड़ने के लिए लगाया जाए।