प्रयागराज

प्रयागराज में पांचवी बार बना दुर्लभ संयोग, लेटे हनुमान जी को गंगा ने कराया स्नान

प्रयागराज के प्रसिद्ध लेटे हनुमान जी के पांचवीं बार गंगा स्नान का दुर्लभ संयोग बना। इस वर्ष मां गंगा ने हनुमान जी को पांचवीं बार आकर स्नान कराया। इसी के साथ एक बार फिर से शहर पर बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
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Prayagraj: प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, और बाढ़ का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है। इसी बीच संगम किनारे स्थित लेटे हुए हनुमान जी के मंदिर में अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां गंगा और मां यमुना ने इस साल पांचवीं बार बजरंगबली का जलाभिषेक किया है। जिसे बहुत ही दुर्लभ संयोग माना जा रहा है।

साल में पांचवीं बार बना दुर्लभ संयोग

शुक्रवार को दोनों नदियों का जल मंदिर परिसर तक पहुंच गया, जिसे मंदिर के महंत बलबीर गिरी महाराज ने विशेष संयोग बताया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा-यमुना का स्वागत कर इसे आस्था का अद्भुत क्षण बताया। महंत के अनुसार, यह पहला अवसर है जब एक ही वर्ष में पांच बार नदियों ने हनुमान जी के चरणों को स्पर्श कर जलाभिषेक किया है।

लेटे हनुमान जी के दर्शन का महत्व

संगम तट पर स्थित लेटे हनुमान जी विश्वविख्यात हैं। मान्यता है कि संगम स्नान के बाद उनके दर्शन करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि देशभर से श्रद्धालु जब प्रयागराज आते हैं तो संगम स्नान के बाद लेटे हनुमान जी के दर्शन अवश्य करते हैं।

कब खुलेंगे मंदिर के कपाट?

जलस्तर बढ़ने के कारण फिलहाल हनुमान जी जलशयन में रहेंगे। मंदिर का कपाट मां गंगा और मां यमुना के लौटने तक बंद रहेगा। जैसे ही नदियों का जलस्तर घटेगा, वैसे ही कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिए जाएंगे

Updated on:
06 Sept 2025 08:46 am
Published on:
06 Sept 2025 08:46 am