प्रयागराज

प्रयागराज में बदले गए SDM और तहसीलदार, जिले की व्यवस्था सुधारने पर डीएम का जोर

प्रयागराज जिले में काम न करना अब अधिकारियों को भारी पड़ेगा। जिलाधिकारी प्रयागराज की मंशा स्पष्ट है कि जो काम में लापरवाही करेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

2 min read

Prayagraj: प्रयागराज जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने एवं शासन की योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा व्यापक काम किया जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से डीएम मनीष कुमार वर्मा स्वयं सुबह 9:00 से रात की 11:00 तक काम कर रहे हैं। इसके अलावा सभी विभागों के अधिकारियों को भी उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम में ढिलाई करने वाले कई अधिकारियों के विरुद्ध उन्होंने पूर्व में वेतन रोकने और कारण बताओं नोटिस की भी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी प्रयागराज के कार्यों से स्पष्ट है कि हर हाल में जिले की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना ही है, फिर उसके लिए चाहे जितना भी मेहनत क्यों न करना पड़े।

लगातार निर्देशों के बाद भी व्यवस्था में बदलाव न आने के कारण जिलाधिकारी ने एसडीएम सोरांव हीरालाल सैनी को तहसील से हटाकर ज्ञानेंद्र नाथ को एसडीएम की जिम्मेदारी दे दी है। वही लगातार शिकायतों के चलते तहसीलदार में जा रोशनी सोलंकी को हटाकर यमुना प्रसाद वर्मा को मेजा तहसीलदार की जिम्मेदारी दी गई।

लगातार बढ़ रही थी शिकायतें
मेजा में पिछले 1 महीने से अधिवक्ता तहसीलदार रोशनी सोलंकी के खिलाफ लंबन थे। अधिवक्ताओं द्वारा रोशनी सोलंकी के विरोध में कई दिन प्रदर्शन किए गए और न्यायालय का कार्य भी बंद रखा गया। अधिवक्ताओं ने उन पर मनमानी करने का आरोप लगाकर जिलाधिकारी से उन्हें हटाने की मांग की थी। जिसके चलते कई दिन तक नए कार्य भी प्रभावित रहे। हालांकि लगभग एक महीने के इस विरोध के बाद डीएम ने तहसीलदार को वहां से हटाया। इसी तरह सो रहा हूं तहसील में एसडीएम हीरालाल सैनी की भी कार्यप्रणाली से असंतुष डीएम ने उन्हें वहां से हटा दिया।

जिलाधिकारी स्वयं कई घंटे करते हैं जनसुनवाई
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जब से प्रयागराज का चार्ज संभाला है वह हर दिन अपने कार्यालय में सुबह 10:00 बजे से दोपहर के 2- 3:00 बजे तक जनता की समस्याओं को सुनते हैं। वहां आने वाले एक-एक फरियादी से डीएम मनीष कुमार वर्मा स्वयं मिलकर उनकी समस्याओं को जानते हुए संबंधित को निस्तारण का निर्देश देते हैं। भी किसी व्यवस्था से यह भी पता चल जाता है कि किस क्षेत्र में कौन अधिकारी कितना और कैसा काम कर रहा है।

Also Read
View All
बंगाल में BJP के सत्ता में आते ही TMC के पूर्व विधायक खोकन दास ने छोड़ा इलाका, पश्चिम बंगाल पुलिस ने प्रयागज से किया अरेस्ट

प्रयागराज में भारी बवाल: भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और रोजगार के खिलाफ हजारों छात्रों का प्रदर्शन, बोले- कॉकरोच सड़क पर हैं

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सुप्रीम कोर्ट से राहत, आशुतोष ब्रह्मचारी की हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज

इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: शादी के वादे पर बने सहमति वाले संबंध अपराध नहीं

गाजीपुर एसपी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अब्बास अंसारी, दायर की अवमानना याचिका, जानें क्या है मामला