Prisoner escaped from Central Jail: प्रयागराज की सेंट्रल जेल नैनी को बड़ा ही सुरक्षित माना जाता है। यहां जम्मू-कश्मीर के आतंकियों तक को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। बड़े माफिया, शूटर, कुख्यात अपराधियों को इसी जेल में शिफ्ट किया जाता है, लेकिन तीन दिन पहले एक अपराधी का जेल से फरार होना इन सारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा कर दिया।
Prisoner escaped from Central Jail: नैनी सेंट्रल जेल से एक गैंग रेप के मामले में 20 साल की सजा पाए कैदी कालीचरण उर्फ कालिया की फरारी इस समय चर्चा में है। इस जेल की खूबी यह है कि इसकी दीवार 21 फिट ऊंची हैं। शहरी इलाके से लंबी ऊंची दीवार नजर आती हैं। तीन दिन पहले सजायाफ्ता कैदी की फिल्मी स्टाइल में फरारी के मामले में कहा जा रहा है कि लेप्रोसी चौराहे की तरफ की दीवार उसे पेड़ की डाल के सहारे पार की। हालांकि सिपाहियों को चकमा देकर गेट से निकलने की बात भी सामने आई है। मामले में चार सिपाही सस्पेंड हुए हैं। उनका बयान दर्ज हुआ है, और नैनी थाने में केस दर्ज हुआ है।
ऐसे फरार हुआ कालीचरण उर्फ कालिया
सेंट्रल जेल नैनी के कृषि फॉर्म में काम करने के दौरान सजायाफ्ता कैदी कालीचरण उर्फ कालिया फरार हो गया था। मामला 20 जुलाई शनिवार का है। हालांकि जेल प्रशासन मामले को दबाए रहा। जब शासन के निर्देश पर चार सिपाहियों को सस्पेंड किया गया तो हड़कंप मच गया।
महोबा के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के पसवारा इलाके के रहने वाले 28 साल के कालीचरण को गैंग रेप के मामले में 20 साल की सजा हुई थी। उसे 9 मार्च को नैनी सेंट्रल जेल जाया गया था।कालीचरण को शनिवार को बैरक से निकाल काम कराने के लिए जेल परिसर में ही बने कृषि फॉर्म ले जाया गया।काम के दौरान जेल वार्डरों, कॉन्स्टेबल को चकमा देकर वह फरार हो गया। शाम को जब जेल के सभी कैदियों को बैरक ले जाकर गिनती की गई तो कालीचरण लापता था। इसके बाद हंगामा मचा।