रेलवे ने जारी की एडवाइजरी, स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश
प्रयागराज। देश भर में कड़ाके की सर्दी के चलते आम जन जीवन प्रभावित हो रहा है। शीतलहर और कोहरे के जद में आने से संगम नगरी में लोग परेशान है। तेज कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम होने से जहां सड़कों पर वाहनों का चलना बेहद जोखिम भरा है, तो वहीं ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है।कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई है। लंबी दूरी की ज्यादातर ट्रेनें घंटों देरी से चल रही है। लगातार ट्रेनों के निरस्त होने और लेट होने के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ रही है।
यात्रियों का बढ़ रहा इंतज़ार
संगम नगरी से आने .जाने वाली ट्रेनों का इंतज़ार लगातार बढ़ रहा है। जिसको देखते हुए एनसीआर के अधिकारी बेहद सतर्क है। बंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों पर भी कोहरे की मार पड़ रही है। ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते सफर करने वाले यात्रियों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को जहां प्लेटफार्म पर घंटों ठंड में इंतजार करना पड़ रहा है ।वहीं घंटो विलंब से चल रही ट्रेनों के चलते सफर कर रहे यात्रियों को खानेण्पीने में भी असुविधा हो रही है। कोहरे के चलते यात्रियों को समय पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जारी हुई एडवाइजरी
नार्थ सेंट्रल रेलवे ने कोहरे की वजह से अब तक 18 ट्रेनों का संचालन निरस्त कर दिया है। जबकि 22 ट्रेनों की फ्रिकवेंसी चेंज की जा रही है। वहीं दो ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त करते हुए छह ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। कोहरे की वजह से लेट हो रही ट्रेनों से यात्रियों को परेशानी ना हो इसके लिए रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है।सीपीआरओ नार्थ सेंट्रल रेलवे अजीत कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेनों की सूचना जहां हर समय अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कोहरे की वजह से लेट होने पर स्टेशनों पर फूड स्टाल में खानपान के इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशनों पर इमरजेंसी के लिए चिकित्सा व्यवस्था को भी अलर्ट कर दिया गया है।
यात्रियों से अपील
सीपीआरओ ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा है कि सही समय पता कर कर ही यात्रा के लिए अपने घरों से निकले। उन्होंने कहा कि रात में कोहरे की वजह से ट्रेनों की स्पीड बेहद कम हो रही है। जिसकी वजह से दिन में ज्यादा ट्रेनें होने से भी रेलवे पर कंजशन बन रहा है। फिलहाल रेलवे ने इस चुनौती से निपटने के लिए लोको पायलट को फॉर सेफ्टी डिवाइस भी दिया है। लेकिन इतने घने कोहरे में ये डिवाइस बेअसर साबित हो रहे हैं।