पिछले चार दिनों में महाकुंभ में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिसके कारण भारी भीड़ का सामना करना पड़ा। अब स्थिति नियंत्रित होने के बाद रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने इमरजेंसी प्लान लागू किया था, जिसके तहत शहर के कई प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया था। इसके कारण स्थानीय लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा, और वे अपने घरों तक ही सीमित रहने को मजबूर हो गए थे।
भीड़ के कारण स्टेशन जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया था, लेकिन अब जब श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई है, रेलवे ने अपना इमरजेंसी प्लान हटा लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने सभी बंद रास्तों को फिर से खोल दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है और उन्हें अब आवागमन में कोई परेशानी नहीं हो रही है।
रास्ते बंद होने से आसपास रहने वाले लोग और व्यापारी भी समस्याओं का सामना कर रहे थे। उन्हें सामान लाने-ले जाने में कठिनाई हो रही थी, और जाम के कारण लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को भी कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा था। अब जब पुलिस ने रास्ते खोल दिए हैं, तो लोग बिना किसी परेशानी के आसानी से आ-जा सकेंगे।
पहले श्रद्धालुओं को खुसरो बाग में रोका जा रहा था और धीरे-धीरे उन्हें स्टेशन भेजा जा रहा था। अब जब भीड़ कम हो गई है, तो पुलिस ने शाहगंज और खुल्दाबाद इलाकों से श्रद्धालुओं को आने-जाने की अनुमति दे दी है, जिससे यात्रियों को कम चलना पड़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही भी आसान हो गई है।
रेलवे के इमरजेंसी प्लान के तहत खुल्दाबाद, लूकरगंज, शाहगंज, स्टेशन रोड और अन्य कई रास्तों को बंद किया गया था, लेकिन अब ये सभी रास्ते खोल दिए गए हैं, जिससे जनजीवन सामान्य हो गया है।