
Atiq Ahmed Wife Shaista Parveen:प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद के परिवार में सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद एक बार फिर उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन चर्चा में आ गई हैं। अबान के अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे, लेकिन शाइस्ता के वहां होने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। कब्रिस्तान में मौजूद हर बुर्कानशीं महिला को लेकर शाइस्ता के होने की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन उनकी सही लोकेशन स्पष्ट नहीं हो सकी।
शाइस्ता परवीन लंबे समय से पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की तलाश सूची में हैं। इसी वजह से अबान की मौत के बाद उनके परिवार के बीच मौजूद होने या न होने को लेकर भी चर्चाओं का दौर चलता रहा।
अतीक अहमद के छोटे बेटे 21 साल के अबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी जिले में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज पहुंचे। अतीक के बेटे उमर और अली भी जेल से पैरोल मिलने के बाद जनाजे में शामिल हुए। अबान का शव 2 दिनों तक हटवा में रखा गया और बाद में कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन उनकी कोई स्पष्ट तस्वीर या लोकेशन सामने नहीं आई।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और अतीक की बहन आयशा नूरी फरार हैं। इन महिलाओं की तलाश पुलिस और STF समेत अन्य एजेंसियों की ओर से की जा रही है। शाइस्ता पर 50 हजार रुपये का इनाम बताया गया है, जबकि जैनब फातिमा और आयशा नूरी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। शाइस्ता की तलाश में पुलिस, STF और लोकल इंटेलिजेंस के अलावा ईडी भी जांच कर रही है।
अतीक अहमद की हत्या, उसके बेटे असद की मुठभेड़ में मौत और अशरफ की हत्या के बाद भी शाइस्ता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आईं। अब छोटे बेटे अबान की मौत के बाद एक बार फिर उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठे। अतीक के परिवार के कई सदस्य अलग-अलग मामलों में जेल में हैं। ऐसे में अबान के अंतिम संस्कार में परिवार के लोगों के पहुंचने के बाद लोगों की नजर शाइस्ता को तलाशती रही।
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा पर साजिश में शामिल होने और शूटर्स की मदद करने के आरोप लगे थे। उमेश पाल हत्याकांड के बाद शाइस्ता 27 फरवरी 2023 से फरार बताई गईं। उन्हें आखिरी बार चकिया, प्रयागराज में अतीक के बेटों अहजम और अबान से पुलिस पूछताछ के दौरान देखा गया था।
इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दी। शाइस्ता की लोकेशन दिल्ली और ओडिशा में मिलने की बात सामने आई, लेकिन पुलिस को उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
शाइस्ता और जैनब की तलाश के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने कई राज्यों को अलर्ट किया था। दिल्ली समेत कुछ एयरपोर्ट पर उनकी तस्वीरें भेजी गई थीं और लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। इन दोनों के अलावा अतीक की बहन आयशा नूरी भी पुलिस की तलाश सूची में हैं। पुलिस और STF की ओर से इन महिलाओं को तलाशने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई।
अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा उमेश पाल हत्याकांड के बाद कुछ समय तक प्रयागराज में रही थीं। इस दौरान उन्होंने वकीलों के जरिए मामले की पैरवी की और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतीक-अशरफ को फंसाए जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद वह भी फरार हो गईं। उनकी लोकेशन लखनऊ और बाद में हटवा में मिलने की बात सामने आई। पुलिस ने हटवा गांव में तलाशी अभियान चलाया और ड्रोन से भी निगरानी की, लेकिन जैनब का पता नहीं चल सका।
जानकारी के मुताबिक, शाइस्ता परवीन के खिलाफ 7 मामले दर्ज हैं। उनके नाम से जुड़ी संपत्तियों को लेकर भी कार्रवाई हो चुकी है और उनके नाम पर दर्ज दो मकानों को गिराया गया है। वहीं, जैनब फातिमा पर 4 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल होने के आरोप के अलावा वक्फ बोर्ड की संपत्ति से जुड़ा मामला भी शामिल है। जैनब और उनके भाइयों के कुछ मकानों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।
अतीक अहमद का बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ जेल में बंद है, जबकि दूसरा बेटा अली अहमद झांसी जेल में है। तीसरे बेटे असद की झांसी में STF के साथ मुठभेड़ में मौत हुई थी। सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में जान चली गई। अतीक का एक और बेटा अहजम फिलहाल हटवा में अपनी बुआ परवीन कुरैशी के साथ रह रहा है। उसे सुरक्षा के लिए गनर भी मिला हुआ है।
अबान की मौत के बाद अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्य एक जगह जुटे, लेकिन शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। यही वजह है कि अंतिम संस्कार के दौरान और उसके बाद भी उनकी लोकेशन को लेकर चर्चा बनी रही। लंबे समय से फरार चल रहीं शाइस्ता की तलाश अब भी पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए एक अहम मामला बनी हुई है।