
इलाहाबाद. सरायइनायत थानाक्षेत्र के दुबावल गांव में पुलिस सुरक्षा के बीच मंगलवार रात दुश्मनांे ने प्रधानपति पर अंधाधुन फायरिंग कर गोली मार दी। प्रधानपति को तत्काल स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से फैले तनाव को देखते हुए एसएसपी ने गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस रातभर वहां कैंप बना कर रही। मामला 30 साल से चली आ रही रंजिश का बताया जा रहा है।
दुबावल गांव में पिछले करीब तीन दशक से प्रधानपति अमरेंद्र उर्फ पप्पू मिश्र की पूर्व प्रधान आनंद मिश्र के परिवार से दुश्मनी चलती आ रही है। इसी रंजिश के चलते तीन महीने पहले अमरेंद्र के चाचा की हत्या कर दी गई। इस हत्या के मामले आनंद मिश्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस आनंद को गिरफ्तार नहीं कर पायी थी। अमरेंद्र पारिवारिक विवाद को देखते हुए हनुमानगंज में घर बनवा कर रहते हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच वो गांव आते जाते हैं। चाचा की हत्या के बाद पुलिस की ओर से भी एक सुरक्षाकर्मी मिला है।
मंगलवार को एकादशी के दिन सुबह अमरेंद्र गांव गए थे। रात में अपने सुरक्षा गार्ड के साथ हनुमानगंज जाने के लिए घर के बाहर खड़ी गाड़ी में बैठने जा रहे थे। इसी बीच पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनपर ताबडतोड फायरिंग कर दी। हमले में प्रधानपति की जांघ और पैर में एक एक गोली लगी है। वहीं दो गोलियां गाड़ी में लगी। अंधाधुन फायरिंग की आवाज सुन गांव में सनसनी फैल गई। गोली लगने के बाद अमरेंद्र को तेजी से खून निकल रहा था। सुरक्षागार्ड ने तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को दी।
इसके साथ ही सुरक्षा गार्ड ने तत्काल गांव वालों की मदद से घायल अमरेंद्र को स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की जानकारी होते ही एसपी गंगापार कई थानों की फोर्स के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने गांव वालों से घटना के बारे में पूछताछ भी की लेकिन गांव का कोई भी व्यक्ति कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था। मौके पर पुलिस को एक दर्जन से ज्यादा खोखे मिले। पुलिस ने तत्काल फाॅरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से जांच की। घायल अमरेंद्र और उसके घरवालों ने पूर्व प्रधान आनंद मिश्र और उसके भतीजे को आरोपी बताया है। पुलिस आनंद मिश्र के घर भी गई लेकिन उसके घर में कोई नहीं मिला।