प्रयागराज

यूपी बोर्ड 2019 की परीक्षा को लेकर समाने आया बड़ा मामला ,दसवीं और बारहवीं में लाखों परीक्षार्थी हुए कम

परीक्षा केन्द्र बनाने में भी हो रहा बड़ा खेल,बोर्ड को नही मिल रहे विद्यालय

2 min read
Up board 2019

इलाहाबाद:उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड 2019 में होने वाली परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या में भारी कमी आई है।बीती परीक्षा का असर इस बार होने वाली परीक्षा से पहले ही दिखने लगा है। बोर्ड द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में हुई सख्ती के बाद इस बार के पंजीकरण में छात्रों संख्या घट गई है। पिछले साल हुई परीक्षा के दौरान लगभग दस लाख से ज्यादा परीक्षार्थीयों ने परीक्षा छोड़ दी थी।

दसवीं और बारहवीं की प्रस्तावित परीक्षा 2019 में सम्मिलित होने वाले छात्रों की संख्या पिछली परीक्षा से लगभग 8 लाख कम है।यूपी बोर्ड द्वारा 7 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि दी गई थी।जिसमें दसवीं में 32,03,041 और इंरमीडियट में 25,84,957 कुल 57,87,998 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। जबकि पिछले साल यही संख्या 66.39 लाख थी। बोर्ड के अनुसार इस बार 8.52 लाख की कमी आई है।

वही यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्रों में नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए बोर्ड ने कई सख्त कदम उठाए थे।जिसके चलते की बोर्ड परीक्षा में लाखो छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। वही 2019 की आगामी परीक्षा में बोर्ड सीसीटीवी के साथ वॉइस रिकॉर्डिंग लगाने का भी निर्देश दिया है।जिसके बाद ज्यादातर विद्यालय अपने विद्यालय में सेंटर लेने से बचने की कोशिश में लगे हैं।बोर्ड की तरफ से स्कूलों में व्यवस्थाओं की जानकारी मांगने के बाद अभी तक ज्यादातर स्कूलों की तरफ से स्पष्ट जानकारी नही दी जा रही है।विद्यालय प्रबन्धन पूरी जानकारी इसलिए नही दे रहा जिससे मानक के अभाव में उनका विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने से बच जाए।

बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार शासन के निर्देश पर बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों को सेंटर बनाया जाना है। उन सभी विद्यालयों से सुविधाओं को लेकर जानकारी मांगी गई है। लेकिन केंद्र आधी अधूरी जानकारी दे रहे है।ताकि परीक्षा केंद्र मानकों पर खरे नहीं उतर सके। और वह सेंटर न बने बोर्ड के अनुसार केन्द्रों से पहले 6 अगस्त तक जानकारी मांगी थी।बाद में बढ़ा कर उसे 16 अगस्त तक कर दिया गया।उसके बावजूद भी जिले के ज्यादातर विद्यालयों से जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकती है। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा की जिन विद्यालयों ने तय समय तक केन्द्रों की जानकारी नही दी है।उनकी जाँच जिला विद्यालय निरीक्षको से करवाई जायेगी।अगर उपलब्ध कराई गई जानकारी गलत पायी गई तो कार्यवाही की जायेगी।

Published on:
08 Sept 2018 07:35 pm
Also Read
View All