पंचायत चुनाव से पहले प्रयागराज के कई ब्लाकों की स्थिति में बड़ा बदलाव होने वाला है। यहां अब लाखों लोगों के गांव बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। छोटे ब्लाकों को बड़ा बनाने के लिए कई गांव इधर से उधर होने जा रहे हैं।
UP Panchayat Election: जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बदलाव से छह ब्लॉकों की संरचना प्रभावित होगी और करीब पौने दो लाख लोगों का ब्लॉक बदल जाएगा।
छोटे ब्लॉकों को किया जाएगा बड़ा
नई व्यवस्था में करछना और कौंधियारा के 14 गांव चाका ब्लाक में शामिल किए जाएंगे।
बहरिया और बहादुरपुर के 21 गांव सहसों ब्लाक में जोड़े जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
बदल जाएगी चाका ब्लॉक की तस्वीर
पहले चाका ब्लॉक में 59 गांव थे। नगर निगम की सीमा विस्तार में इनमें से 38 गांव शामिल हो गए, जिससे चाका में केवल 21 गांव ही बचे थे। अब नए परिसीमन के बाद यह ब्लॉक 21 से बढ़कर 35 गांवों का हो जाएगा। जबकि करछना में अब 80 से घटकर 75 गांव रह जाएंगे। वहीं कौंधियारा में 57 से घटकर 48 गांव रह जाएंगे।
सहसों ब्लॉक का पुनर्गठन
साल 2021 में बने सहसों ब्लॉक का परिसीमन अब दुरुस्त किया जा रहा है। उस समय बहरिया के कुछ नजदीकी गांव गलती से सहसों में जोड़ दिए गए थे। अब उन्हें फिर से बहरिया ब्लॉक में भेजा जाएगा। वहीं बहरिया से दूर और सहसों के करीब बसे गांव सहसों में जोड़े जाएंगे।
सहसों ब्लॉक की नई स्थिति
पहले सहसों में 45 ग्राम पंचायतें थीं, अब यह संख्या बढ़कर 66 हो जाएगी। सहसों के 10 गांव बहरिया में जाएंगे। बहरिया के 14 गांव सहसों में जोड़े जाएंगे।
बहादुरपुर के 17 गांव भी सहसों में शामिल होंगे। इससे बहादुरपुर में अब केवल 53 गांव ही बचेंगे।
इस परिसीमन से जहां चाका और सहसों ब्लॉक मजबूत होंगे, वहीं बहरिया और बहादुरपुर ब्लॉकों का आकार छोटा हो जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने में आसानी होगी और पंचायत चुनाव निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सकेंगे।