लंबी पूछताछ के बाद कार्रवाई की तैयारी
प्रयागराज। मंडल रेल प्रबंधक डीआरएम ऑफिस कि कार्मिक विभाग में विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते हुए डीआरएम ऑफिस के बाबू को रंगे हाथ पकड़ा है। मुख्यालय पर तैनात विजिलेंस टीम को जानकारी मिली कि डीआरएम ऑफिस के कार्मिक अनुभाग में तैनात एक बाबू अनुकंपा नियुक्ति पाई महिला की फाइल और कागजात को आगे बढ़ाने के लिए पैसों की मांग की है। जिसके बाद सक्रिय हुई बिजनेस टीम ने रिश्वत लेते हुए बाबू को रिश्वत की रकम के साथ बरामद किया है विजलेंस टीम द्वारा पकड़े गए बाबू को रिपोर्ट के साथ डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ कुमार को सौंपने की तैयारी है।
हालांकि अमिताभ कुमार घटना के वक्त डीआरएम ऑफिस में मौजूद नहीं थे।वह शहर से बाहर थे। उम्मीद है कि आज अमिताभ कुमार आरोपी बाबू के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के बाद सख्त कदम उठा सकते हैं। बताया जा रहा है कि कानपुर में सीआरएस पद पर तैनात मंजू कुमारी नाम की रेल कर्मी की वेतन और एरियर भुगतान संबंधी फाइल कार्मिक विभाग में लंबे समय से अटकी हुई थी ।अनुकंपा पर नियुक्ति के बाद मंजू को वेतन सहित अन्य भुगतान नहीं हो पा रहे थे जिसके चलते उसे आए दिन डीआरएम ऑफिस के कार्मिक विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा था। उसकी फाइल पास कराने के एवज में कार्मिक विभाग में तैनात बाबू सतवंत कुमार ने उससे रिश्वत मांगी। महिला डीआरएम ऑफिस पहुंची बाबू से मुलाकात की। इस बीच सकरी हुई विजलेंस की टीम ने रिश्वत लेते हुए बाबू को पकड़ लिया। वही डीआरएम ऑफिस में रिश्वत पकड़े जाने के मामले से खलबली मची रही।
वही दिया डी आर एम अमिताभ कुमार ने बताया कि वह भी प्रयागराज से बाहर है मामले की जानकारी हुई है।विभागीय जांच करवाएंगे इसके बाद संबंधित कलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीआरएम ऑफिस में बाबू के रिश्वत लेने के मामले को अन्य कर्मी सकते है। बाबू के पकडे जाने की खबर सुर्ख़ियों में है।विजलेंस टीम ने सतवंत से लंबी पूछताछ की है।