जिलें में सैतालिस हजार असलहें
प्रयागराज। यूपी में अब लाइसेंस लेने वालों को अब अतिरिक्त जेब खर्च करना पड़ेगा। योगी सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे अभ्यर्थियों को अब गौ संरक्षण मद में आर्थिक योगदान देना पड़ेगा। इस मद को शस्त्र लाइसेंस लेने में लगने वाले शुल्क में जोड़ा गया है। इसके अलावा डिस्टिक हॉर्टिकल्चर ऑफीसर के लिए भी फीस देनी होगी। लाइसेंस शुल्क के अतिरिक्त अब गौ संरक्षण शुल्क जमा करने के बाद ही आपको नया लाइसेंस मिल पाएगा।
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पचीस सौ अतिरिक्त देने होंगे
शस्त्र का लाइसेंस लेना और रिन्यूअल कराना अब पहले से ही महंगा हो चुका था। जहां शस्त्र लाइसेंस की बढ़ी हुई फीस से आवेदक परेशान थे। अब उसके बाद सरकार के निर्देशों के अनुसार असलहे रखने के लिए गौ संरक्षण के मद में भी अपना योगदान देना होगा। शस्त्र लाइसेंस के लिए पहले पांच तरह के अलग .अलग शुक्ल लगते थे उन्हें सात तरह के शुल्क देने होंगे। शस्त्र लाइसेंस और गो संरक्षण के लिए अब हर आवेदक से 25 सौ लिए जाएंगे।
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गौवंश के रखरखाव में खर्च मद
उत्तर प्रदेश सरकार ने जब से शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक को हटाया है। आवेदन करने वालों की लंबी भीड़ लगी है। हर दिन थाने से लेकर असला बाबू के दफ्तर तक बड़ी संख्या में फाइलें चक्कर काट रही हैं। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगने से कई फाइलें पूरी होने के बावजूद भी जिलाधिकारी कार्यालय तक नहीं पहुंच पाई।अब लेकिन आवेदकों को उम्मीद है कि उनका लाइसेंस हो जाएगा। गौ संरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करती रही है। इन सब के बावजूद भी आए दिन गोवंश की बदहाली के मामले सामने आते रहते है। इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने गौ संरक्षण मद के रूप में नई व्यवस्था लागू की है इस मद से गौवंश के रखरखाव की सुविधा मुहैया कराई जाए।
जिलें में सैतालिस हजार असलहें
असलहा बाबू के दफ्तर से मिली जानकारी के मुताबिक 47 हजार असलहे जिले में है। योगी सरकार रोक हटाने के बाद शो असलम निर्गत हुए हैं जबकि 40 फाइलें की रिपोर्ट लगाई गई है।पहले से बढ़े शुल्क में नए आवेदन में स्टांप शुल्क रिवॉलवर में 2000 राइफल 1500 शॉट गन 1000 का शुल्क लग रहा है। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया ने कहा कि सरकार के आदेश को लागू करना हमारा काम है। लाइसेंस के लिए फॉर्मेलिटी पूरी होने के बाद जमा कराया जाता है। उन्होंने कहा कि नए लाइसेंस का जो आवेदन हुआ है इसमें तब तक सरकार की पूरी गाइडलाइन भी आ जाएगी कि किस मद में कितना टैक्स लिया जाना है।