प्रोजेक्ट रिव्यूज

एलीवेटेड रोड, आरओबी, आरयूबी प्रोजेक्टः GST के नाम पर जेडीए की बढ़ी मुसीबत

जीएसटी के नाम पर जेडीए की मुसीबत बढ़ा रही निजी कम्पनियां

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Oct 14, 2017
elevated road, bridge
elevated road bridge

जयपुर। शहर में चल रहे ओवरब्रिज, अण्डरपास, एलीवेटेड रोड सहित बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराने की उम्मीद पर जीएसटी हावी होता जा रहा है। अनुबंधित कंपनियों ने जेडीए अधिकारियों को आशंका जता दी कि जीएसटी का मामला जल्द नहीं सुलझा तो निर्माण कार्य रोकने के हालात हो जाएंगे। खासकर, अम्बेडकर सर्किल से सोढाला तक बन रही एलीवेटेड रोड मामले में तो जेडीए की परेशानी बढ़ती जा रही है।

अनुबंधित कंपनी सिम्पलेक्स के अफसर आए दिन पत्र के माध्यम और व्यक्तिगत रूप से जेडीए निदेशक व जेडीसी दोनों को परेशानी होने का तर्क देते रहे हैं। इस मामले में पिछले दिनों जेडीसी वैभव गालरिया के साथ बैठक भी हुई, इसके बावजूद विवाद बना हुआ है। हालांकि, जेडीसी साफ कर चुके हैं कि यह केन्द्र का विषय है इसलिए जेडीए स्तर पर कुछ नहीं हो सकता।

निर्माण लागत बढऩे का दबाव?
कंपनियों ने जीएसटी के कारण निर्माण लागत बढऩे का तर्क दिया है और अंतर राशि का वहन जेडीए स्तर पर करने की मांग की। उनका कहना है कि जो लागत बढ़ी है, उतना तो लाभ ही नहीं हैं। घाटे में काम नहीं हो सकता। पहले खुद लेट, अब कहा समय पर कर दो कामबस्सी, जाहोता, आनंदलोक सहित कई आरओबी, आरयूबी प्रोजेक्ट में भूमि विवाद के कारण का समय पर शुरू नहीं हो सका।

कई जगह शुरू हुआ, लेकिन रफ्तार मंद पड़ गई। कई माह बाद कुछ जगह जमीन? विवाद पिछले दिनों ही खत्म हुआ है। ऐसे प्रोजेक्ट की शुरुआत तो समय पर नहीं हुई, लेकिन काम निर्धारित मियाद में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य रूप से एलीवेटेड रोड बना रही कपंनी जीएसटी के कारण बढ़े टैक्स का भुगतान जेडीए स्तर पर करने की मांग कर रही है। इसके अलावा कुछ कंपनियां और हैं। सभी को स्पष्ट कर दिया है कि यह विषय जेडीए का नहीं है।
- बी.के. शर्मा, निदेशक (वित्त), जेडीए

Published on:
14 Oct 2017 12:25 pm