
Abhijeet Dipke CJP Press Conference SPPU: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों और युवाओं का गुस्सा अब एक बड़े देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनूठे प्रदर्शन से चर्चा में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने गुरुवार को केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध अभियान शुरू करने का एलान कर दिया है। आंदोलन की शुरुआत आज दोपहर 4 बजे महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रतिष्ठित सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) कैंपस से हो रही है। सीजेपी (CJP) ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया है। बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के पहुंचने से पहले आंदोलन में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। बढ़ती भीड़ और छात्रों-युवाओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को और अधिक गति दे दी है।
बता दें कि बुधवार को अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के साथ एक वीडियो शेयर कर अपने पुणे आगमन की आधिकारिक घोषणा की। इस वीडियो के जरिए उन्होंने समर्थकों से सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) के भीतर तय किए गए प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में जुटने की अपील की। वीडियो में बात करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि वे छात्रों के भविष्य से जुड़े कुछ "बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों" पर चर्चा करने के लिए जल्द ही प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचेंगे। उन्होंने लोगों से इस मुहिम का हिस्सा बनने का आग्रह करते हुए बताया कि वे और दिपके कुछ ही समय में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने वाले हैं। इसके साथ ही वांगचुक ने सभी से इस आंदोलन को पूरी तरह से शांतिपूर्ण बनाए रखने की विशेष अपील भी की।
पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि संगठन देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत के साथ अपना 'एजुकेशन मेनिफेस्टो' भी जारी करेगा। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) परिसर से शुरू हो रहा यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा। दिपके के मुताबिक, मेनिफेस्टो में छात्रों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता दी गई है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक, परीक्षा परिणामों की समय पर घोषणा, सरकारी भर्तियों और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, परीक्षा कराने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय करना तथा परीक्षा संबंधी देरी और अनियमितताओं से छात्रों को होने वाली मानसिक और आर्थिक परेशानियों के समाधान जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।