पुणे

Ketan Murder Casse: धक्का देने की प्रैक्टिस, पुलिस को गुमराह करने की तैयारी; ऐसे रची गई केतन की हत्या की साजिश

Ketan Agarwal Murder Case Rehearsal: केतन अग्रवाल मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा! मंगेतर सिया गोयल और प्रेमी चेतन ने पुणे की पहाड़ी पर की थी हत्या की रिहर्सल। पुलिस अब कराएगी पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट।
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Jul 02, 2026
Ketan Agarwal Murder Case Rehearsal
धक्का देने की प्रैक्टिस, पुलिस को गुमराह करने की तैयारी

Siya Goyal Polygraph Test: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से भी ज्यादा खौफनाक हैं। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने हत्या की इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने से पहले बाकायदा इसकी 'रिहर्सल' (प्रैक्टिस) की थी। दोनों ने पुणे की एक पहाड़ी पर जाकर यह प्रैक्टिस की थी कि केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का कैसे देना है, ताकि कोई गवाह या सबूत न बचे।

पुणे के लुल्ला नगर में की थी 'धक्का देने' की रिहर्सल

पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, केतन को मौत के घाट उतारने का पूरा प्लॉट पुणे के मार्केट यार्ड इलाके के पास स्थित लुल्ला नगर (सेक्टर-37) में तैयार किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि सिया और चेतन ने लुल्ला नगर के एक क्लब के पास खुली जगह पर इस बात का अभ्यास किया था कि लोहागढ़ किले की चोटी से केतन को नीचे कैसे धकेलना है।'

पुलिस सिया को उसके घर 'लीला कुंज' लेकर गई थी, जहां से वारदात के दिन पहने गए कपड़े बरामद किए गए। इसके बाद सिया की निशानदेही पर पुलिस उसे उस पहाड़ी पर भी लेकर गई जहां दोनों ने मर्डर की रिहर्सल की थी।

गूगल पर खोजा 'मर्डर का तरीका'

पुलिस जांच के मुताबिक, यह हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि कई हफ्तों पहले बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई साजिश थी। जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इंटरनेट पर केतन अग्रवाल की हत्या के अलग-अलग तरीके खोजे थे। इतना ही नहीं, वारदात के बाद पुलिस पूछताछ से बचने और जांच को गुमराह करने के लिए दोनों ने पहले से जवाबों की भी प्रैक्टिस की थी। साजिश की परतें खोलने के लिए पुलिस ने लोहागढ़ किले पर सिया और बाद में चेतन की मौजूदगी में डमी (पुतले) की मदद से क्राइम सीन रीक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया।

टोल प्लाजा और सीसीटीवी से बचने के लिए स्कूटर का सफर

आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से बचने के लिए कार के बजाय स्कूटर का इस्तेमाल किया। वह पुणे से लोहागढ़ किला स्कूटर से गया था ताकि टोल प्लाजा के कैमरों और फास्टैग रिकॉर्ड में उसकी मौजूदगी दर्ज न हो। वारदात के बाद वह उसी स्कूटर से वापस पुणे भाग गया। पुलिस ने अब उस स्कूटर को जब्त कर लिया है।

33 डिग्री तापमान में 'हुडी' ने खोल दी पोल

चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए किले की ट्रैकिंग के दौरान एक हुडी (टोपी वाली टी-शर्ट) पहनी हुई थी। लेकिन जून की तपती गर्मी में, जब तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, उसका हुडी पहनना ही उस पर भारी पड़ गया। इतनी गर्मी में हुडी पहने संदिग्ध शख्स को देखकर पुलिस को शक हुआ और यही हुडी उसकी गिरफ्तारी की बड़ी वजह बनी।

अब होगा लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट

दोनों आरोपी फिलहाल 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में हैं। पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने और दोनों के बयानों में आ रहे विरोधाभास को दूर करने के लिए इनका पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अनुमति मांगी है। पुलिस का मानना है कि इस टेस्ट के बाद इस अंधे कत्ल की साजिश के कई और बड़े राज सामने आ सकते हैं।

Published on:
02 Jul 2026 02:59 pm